
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के स्कूली शिक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। भोपाल स्थित रवींद्र भवन में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घोषणा की कि स्कूल शिक्षा विभाग में जल्द ही 20 हजार नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही प्रदेश भर में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए 200 नए स्कूल भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
इसी कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री ने दिवंगत विभागीय कर्मचारियों के परिजनों को राहत देते हुए करीब 950 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश पत्र भी सौंपे। इनमें 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी (भृत्य) कर्मचारी शामिल हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अब तक विभिन्न विभागों में 85 हजार से अधिक नियुक्तियां दे चुकी है। इसी कड़ी में अब स्कूल शिक्षा विभाग में भी 20 हजार रिक्त पदों को भरा जाएगा। हालांकि, इन भर्तियों के लिए परीक्षा एजेंसी, पदों का वर्गवार विवरण और समय-सारणी जल्द ही विभाग द्वारा अलग से जारी की जाएगी।
शिक्षा बजट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में जहां राज्य का शिक्षा बजट महज 400 करोड़ रुपये हुआ करता था, वह आज बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच चुका है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
प्रदेश में वर्तमान में 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दूर-दराज के इलाकों तक पहुँचाने के लिए 200 नए सांदीपनि स्कूल शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, जनजातीय बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचा सुधारने के उद्देश्य से 200 नए आधुनिक स्कूल भवनों की स्वीकृति दी गई है।
वर्षों से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के त्वरित निस्तारण पर संतोष व्यक्त करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि विभागीय पदोन्नतियों के जरिए रिक्त स्थान बनाकर पात्र आश्रितों को तत्काल नियुक्तियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि परिवार के संबल को खोने वाले आश्रितों को समय पर रोजगार मिलने से उन्हें संबल मिलता है। उन्होंने सभी नए कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रदेश में शैक्षणिक सुधारों और छात्र-कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मेधावी विद्यार्थियों के प्रोत्साहन का दायरा काफी बढ़ चुका है। जहां पहले केवल 500 छात्रों को लैपटॉप दिए जाते थे, वहीं अब 1 लाख 45 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लैपटॉप और मेधावी छात्रों को स्कूटी जैसी प्रोत्साहन सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।