
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर एक दिसंबर से प्रारंभ हुई धान की खरीदी इस वर्ष 50 लाख टन तक पहुंच सकती है। वर्ष 2024 में 45 लाख टन धान की खरीदी सरकार ने MSP पर की थी। इस वर्ष अधिक खरीदी की संभावना के पीछे विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है, जिससे उपार्जन भी अधिक रह सकता है। खरीदी 20 जनवरी तक होनी है, यानी अभी 24 दिन बचे हैं।
धान बेचने के लिए लिए 2025 में आठ लाख 59 हजार 916 किसानों ने पंजीयन कराया है। अभी तक चार लाख नौ हजार 545 किसानों से 25 लाख 93 हजार टन धान की बिक्री एमएसपी पर की है, यानी साढ़े चार लाख किसानों की धान अभी बिक्री के लिए नहीं पहुंची है। वर्ष 2024 में सात लाख 55 हजार किसानों ने धान की बिक्री की थी। सरकार ने खरीदी के लिए 1434 केंद्र बनाए हैं। सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2,369 रुपये, ग्रेड-ए धान का 2,389 रखा गया है, जबकि वर्ष 2024 में सामान्य किस्म की धान 2,300 और ग्रेड ए धान का समर्थन मूल्य 2,320 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था।
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अधिकारियों का यह भी कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में 2025 में धान की फसल अच्छी रही, जिससे अधिक उत्पादन का अनुमान है। हालांकि, अंतिम रूप से 20 जनवरी तक ही पता चल पाएगा कि कितनी धान किसानों ने बेची है। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि सरकार ने धान खरीदी का कोई लक्ष्य नहीं रखा पर हम किसान का एक-एक दाना खरीदेंगे। किसानों को 3529 करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान भी किया जा चुका है।