
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस में अब नई पीढ़ी के अधिकारियों को पारंपरिक पुलिसिंग के साथ साइबर अपराध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। भोपाल पुलिस अकादमी शुक्रवार से 92वें सूबेदार और उप निरीक्षक बैच के 286 प्रशिक्षु अधिकारियों का तीन माह का बुनियादी प्रशिक्षण शुरू हुआ है। इनमें 182 पुरुष और 104 महिला प्रशिक्षु हैं।
इस बार प्रशिक्षण में अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए साइबर अपराध अनुसंधान और एआई आधारित उपकरणों के उपयोग को विशेष रूप से शामिल किया गया है। नई न्याय संहिताओं के साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, अर्थात प्रशिक्षण पूरा करने के बाद फील्ड में पहुंचने वाले इन अधिकारियों से पारंपरिक कानून-व्यवस्था के साथ तकनीक आधारित अपराधों के अनुसंधान में भी दक्षता की अपेक्षा रहेगी।
यह भी पढ़ें- 2013 की पुलिस भर्ती की 2015 मेरिट सूची का विवादित हिस्सा रद, हाई कोर्ट ने कहा-12 सप्ताह में संशोधित मेरिट सूची बनाएं
तीन माह के प्रशिक्षण में कानून, अपराध अनुसंधान, सामुदायिक पुलिसिंग और प्रशासनिक दक्षता के साथ ड्रिल, हथियार संचालन और फायरिंग का प्रशिक्षण भी होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही ये अधिकारी नियमित फील्ड जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध होंगे। अधिकारियों को त्वरित निर्णय, टीम नेतृत्व और आमजन से प्रभावी संवाद के लिए भी तैयार किया जाएगा।