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एमपी में 48 लाख ग्रामीणों की फ्री रजिस्ट्री पर लगा ब्रेक! पटवारियों के विरोध से बढ़ा विवाद

प्रदेश सरकार ने 48 लाख से अधिक ग्रामीणों को स्वामित्व योजना के तहत भूखंड का मालिकाना हक देने और निश्शुल्क रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है। लेकिन पटव...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 09:02:00 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 09:02:00 PM (IST)
एमपी में 48 लाख ग्रामीणों की फ्री रजिस्ट्री पर लगा ब्रेक! पटवारियों के विरोध से बढ़ा विवाद
एमपी में 48 लाख ग्रामीणों की फ्री रजिस्ट्री पर लगा ब्रेक

HighLights

  1. 48 लाख ग्रामीणों को मुफ्त मालिकाना हक देने में आई रुकावट
  2. कोर्ट-कचहरी और कानूनी कार्रवाई के डर से कतरा रहे पटवारी
  3. प्रमुख सचिव का आश्वासन: विवाद होने पर सरकारी वकील लड़ेंगे केस

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश सरकार ने 48 लाख से अधिक ग्रामीणों को स्वामित्व योजना के तहत भूखंड का मालिकाना हक देने और निश्शुल्क रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है। लेकिन पटवारियों की बेरुखी इसमें बाधक बन रही है। दरअसल, पटवारी चाहते ही नहीं हैं कि उनके नाम से रजिस्ट्री हो क्योंकि भविष्य में विवाद की स्थिति बनने पर उन्हें ही कोर्ट-कचहरी का सामना करना पड़ेगा।

हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्री सरकारी नाम से होगी, जिससे पटवारियों पर कोई कानूनी दबाव नहीं आएगा। इस मुद्दे पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और अधिकारियों के बीच तीन बार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है। पटवारी संघ के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने चिंता जताई है कि विवाद की स्थिति में उन्हें ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।


3,800 करोड़ का राजस्व छोड़कर सरकार दे रही छूट

प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कर अभिलेख तैयार किए गए हैं। इन अभिलेखों का पंजीकरण किया जा रहा है, जिससे सरकार को लगभग 3,800 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता। लेकिन सरकार ने इस प्रक्रिया में छूट देने का निर्णय लिया है। 17 सितंबर को इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीकरण-2026 योजना का शुभारंभ किया। इसके बावजूद, रजिस्ट्री प्रक्रिया में कोई प्रगति नहीं हो रही है।

पटवारी पदेन निष्पादक, विवाद होने पर सरकारी वकील लड़ेंगे केस

कर्मचारियों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं- विभाग के प्रमुख सचिव ई रमेश कुमार ने कहा कि रजिस्ट्री में यह स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा कि विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी उसी पक्ष की होगी, जिसके नाम पर रजिस्ट्री हो रही है। पटवारी पदेन निष्पादक हैं, इसलिए उनका व्यक्तिगत मामला नहीं होगा। यदि कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो सरकारी वकील न्यायालय में उपस्थित होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है और जो भ्रम है, उसे जल्द ही दूर किया जाएगा।

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