
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। करीब डेढ़ लाख शिक्षकों में से केवल 34,200 ने ही परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इनमें लगभग 20 हजार सरकारी और 14 हजार निजी स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं।
आवेदन की अंतिम तारीख तीन बार बढ़ाए जाने के बावजूद शिक्षकों की भागीदारी उम्मीद से काफी कम रही। अब माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) को कर्मचारी चयन मंडल से आवेदकों की सूची मिलने के बाद जिला और संभागवार आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। परीक्षा दिसंबर के दूसरे सप्ताह में आयोजित होने की संभावना है।
माशिमं आवेदकों की सूची मिलने के बाद शिक्षकों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आधार पर वर्गीकृत करेगा। इसमें यह देखा जाएगा कि किस जिले और संभाग से कितने शिक्षकों ने आवेदन किया है और उनमें कितने शहरी क्षेत्रों में पदस्थ हैं और कितने ग्रामीण इलाकों में कार्यरत हैं। इसी जानकारी के आधार पर परीक्षा केंद्रों की संख्या और उनके स्थान तय करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। दशहरा के बाद परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक होगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सितंबर में आवेदन प्रक्रिया शुरू कराई थी। अंतिम तारीख 11 अक्टूबर निर्धारित की गई थी, लेकिन तीन बार समय बढ़ाने के बाद भी आवेदनों में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। संभावित पात्र शिक्षकों की तुलना में आवेदन कम आने से विभागीय स्तर पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है। कई स्थानों पर शिक्षक परीक्षा का विरोध कर रहे हैं। वहीं, पात्र शिक्षकों की सटीक संख्या उपलब्ध नहीं होने से आवेदन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में भी परेशानी हो रही है।
प्रदेश में कितने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक टीईटी के लिए पात्र हैं, इसका सटीक आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। इस कारण संकुलवार पात्र शिक्षकों की संख्या और आवेदन की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 57 वर्ष से अधिक आयु वाले और जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच साल या उससे कम समय बचा है, उन्हें टीईटी से राहत दी गई है। हालांकि, बिना टीईटी पास किए वे पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की धारा 23 के तहत टीईटी की अनिवार्यता को नौकरी और पदोन्नति से जोड़ा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि करीब 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति के लिए टीईटी पास करना जरूरी होगा। सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा उत्तीर्ण करने की अंतिम समयसीमा 31 अगस्त 2028 तय की गई है। ऐसे में आगामी वर्षों में मिलने वाले चार अवसरों में पात्र शिक्षकों को परीक्षा पास करनी होगी।
अब आवेदन की संख्या के आधार पर परीक्षा की तैयारी शुरू होगी। उसी के हिसाब से केंद्रों का निर्धारण होगा। - बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं