
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश के करीब 1.50 लाख सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने परीक्षा को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पहले आवेदन की अंतिम तारीख शुक्रवार निर्धारित थी, लेकिन अब शिक्षक 5 अक्टूबर तक 'एमपी ऑनलाइन' के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 19 हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
माशिमं के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा का आयोजन मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की परीक्षा प्रक्रिया के समान ही रखा जाएगा। हालांकि ईएसबी की परीक्षाएं ऑनलाइन होती हैं, जबकि यह टीईटी ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी।
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर ओएमआर (OMR) शीट पर उत्तर देने होंगे। प्रदेश के सभी 55 जिलों के मुख्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने की योजना है, ताकि दूर-दराज के शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए दूसरे जिलों में न भटकना पड़े। कुल आवेदन संख्या के आधार पर केंद्रों की अंतिम संख्या तय होगी।
मंडल ने परीक्षा का प्रारंभिक पैटर्न भी तय कर लिया है...
स्कूल शिक्षा विभाग ने अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया है कि किन शिक्षकों के लिए टीईटी देना अनिवार्य होगा और किन्हें इससे छूट मिलेगी। स्पष्ट नीति न होने के कारण कई सेवारत शिक्षक आवेदन करने को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।
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शिक्षक संगठनों ने विभाग से मांग की है कि पात्र और अपात्र शिक्षकों की स्पष्ट सूची जल्द जारी की जाए, ताकि स्थिति साफ होने के बाद सभी शिक्षक समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकें।
आवेदन की तारीख 5 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। आवेदनों की कुल संख्या के आधार पर ही परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा और पूरी व्यवस्थाएं मुस्तैद की जाएंगी। - बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं)