
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2030-31 तक लगभग 15 हजार बसें चरणबद्ध तरीके से चलाने की तैयारी है। इन बसों की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भोपाल में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीआईएल) के मुख्यालय में बनने वाले इस केंद्र से सात क्षेत्रीय कंपनियों के साथ समन्वय कर बस संचालन पर नजर रखी जाएगी।
प्रदेश में सिटी, इंटरसिटी और इंटरस्टेट बस सेवाओं के संचालन के लिए सात शहरों में क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने और मौजूदा कार्यालयों के विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 25 सितंबर को पीएम ई-बस सेवा-मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया था। 351 बसों को हरी झंडी दिखाई थी।
एमपीवाईपीआईएल का मुख्यालय भोपाल के स्मार्ट सिटी परिसर में बनाया जा रहा है। यहां लगभग 150 अधिकारियों-कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में क्षेत्रीय कंपनियों के कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड का कार्यालय आईएसबीटी में बनाया जा रहा है।
इंदौर और उज्जैन के कार्यालय जनवरी 2027 तक तैयार होने की संभावना है। जबलपुर और ग्वालियर में 31 मार्च 2027 तथा सागर में 28 फरवरी 2027 तक कार्यालय तैयार करने का लक्ष्य है। रीवा का कार्यालय भी 31 मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है।
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