
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा से 21 जुलाई को पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की अनुमति के लिए भारत सरकार को भेज दिया गया है। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से संहिता तैयार करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में पूछा है। विधि एवं विधायी विभाग अब संहिता तैयार करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया का ब्योरा भेजेगा।
यूसीसी में बहुविवाह पर रोक, विवाह और तलाक का पंजीयन अनिवार्य करने, बेटे-बेटियों को उत्तराधिकार में समान अधिकार देने और दत्तक ग्रहण से जुड़े प्रविधान शामिल हैं।
यूसीसी तैयार करने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। समिति ने विभिन्न राज्यों में लागू या प्रस्तावित प्रविधानों का अध्ययन करने के साथ प्रदेश में जनपरामर्श भी किया था। बता दें, देश में यूसीसी उत्तराखंड और गुजरात में लागू हो चुका है।
मध्य प्रदेश में यूसीसी का मसौदा सभी जिलों में जनसुनवाई और ऑनलाइन सुझाव प्राप्त करने के बाद तैयार किया गया। 9.58 लाख सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। सामान्य प्रशासन विभाग में सभी सुझावों का डाटा सुरक्षित रखा है ताकि भविष्य में कभी इसके संबंध में कोई विषय आए तो उसे प्रस्तुत किया जा सके।
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