
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मुरैना में 17, पोरसा में 15, सेंवढ़ा में 14, आगर में 11, अंबाह में 6, गौतमपुरा में 3.8, कैलारस में 3, देपालपुर में 2.8, घाटीगांव में 2.2, डबरा, भीतरवार, सबलगढ़ में दो मिलीमीटर बारिश हुई।
प्रदेश में रात का सबसे कम 7.8 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। दतिया, खजुराहो में घना कोहरा रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक सोमवार-मंगलवार को भी ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में विशेष परिवर्तन होने की संभावना कम है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इसके साथ एक द्रोणिका भी संबद्ध है। दक्षिणी हरियाणा एवं उससे लगे उत्तरी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है।
इस चक्रवात से लेकर मध्य महाराष्ट्र तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो गुजरात से होकर जा रही है। पूर्वोत्तर भारत पर 12.6 किलोमटर की उंचाई पर 232 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। पांच फरवरी से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि वातावरण में नमी रहने के कारण ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। यहां घना कोहरा भी रहने की संभावना है। बादल बने रहने के कारण शेष क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव हो सकता है।