
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच बुधवार को कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। दिनभर तेज धूप और वातावरण में मौजूद नमी के कारण शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और राजधानी भोपाल में करीब छह बजे तेज गरज-चमक के साथ चंद मिनटों के लिए झमाझम बौछारें पड़ीं।
मौसम विज्ञानी एसएन साहू ने बताया कि दिन में निकली धूप और हवा में मौजूद नमी की वजह से कम्युलोनिम्बस बादल (सीबी क्लाउड) बने, जिसके चलते भोपाल में अचानक तेज वर्षा हुई। वर्तमान में कोई बेहद मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है, लेकिन नमी बरकरार रहने और धूप खिलने के कारण अगले दो दिनों तक प्रदेश में इसी तरह गरज-चमक के साथ वर्षा का दौर बना रहेगा। राज्य में इस समय पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा से हवाएं आ रही हैं।
बुधवार को अनूपपुर में सर्वाधिक 35 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सतना में 25 मिलीमीटर, दमोह में 14 मिलीमीटर, सागर में 11 मिलीमीटर, खरगोन में 6 मिलीमीटर, सीधी में 3 मिलीमीटर और खंडवा में 2 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सौराष्ट्र और अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब भी प्रभावी है। वहीं, उत्तर थाईलैंड से आ रहा चक्रवातीय घेरा 18 सितंबर की शाम तक अंडमान सागर में उभरेगा।
इसके असर से 19 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है, जो अगले 3-4 दिनों में ओडिशा और आंध्र तट की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में एक बार फिर इजाफा होने की संभावना है।
(नोट: सभी तापमान डिग्री सेल्सियस में दर्ज किए गए हैं।)
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