
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मौसम केंद्र (IMD) के पूर्वाभामान के अनुसार 22 सितंबर से प्रदेश भर में मानसूनी गतिविधियों में एक बार फिर तेजी आने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में आकार ले रही नई मौसमी प्रणाली के असर से राज्य के अधिकांश अंचलों में गर्जना और वज्रपात के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ सकती हैं।
इस दौरान भोपाल, इंदौर, जबलपुर और रीवा संभाग के जिलों में मौसम के अधिक प्रभावित रहने की आशंका जताई गई है। वातावरण में प्रचुर नमी होने के कारण अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश के आसार बने हुए हैं।
22 सितंबर को राजधानी भोपाल सहित सीहोर, विदिशा और रायसेन में बादलों का डेरा रहेगा। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और मध्यम से तेज वर्षा की संभावना को देखते हुए बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इंदौर, उज्जैन, देवास और धार जिलों में प्रथम पहर में उमस का असर रहेगा, जिसके बाद उत्तर-अपराह्न में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। महाकौशल क्षेत्र के जबलपुर, छिंदवाड़ा, कटनी और सिवनी में रुक-रुक कर वर्षा और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
उधर मंडला, बालाघाट, डिंडोरी और अनूपपुर में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का अंदेशा जताते हुए ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया गया है। विंध्य अंचल के रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जिलों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें गिर सकती हैं।
इसके विपरीत ग्वालियर-चंबल संभाग के ग्वालियर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी संभव है। नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जिलों में हवा के तीव्र झोंकों के साथ अच्छी वर्षा का अनुमान व्यक्त किया गया है।
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