
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में एक बार फिर मौसम प्रणाली सक्रिय हो गई है। बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन और उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के घेरे के असर से प्रदेशभर में अगले चार दिनों तक जोरदार वर्षा की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञानी सीएस यादव ने बताया कि इन दो मजबूत सिस्टम के चलते पूरे प्रदेश में वर्षा होगी। गुरुवार को प्रदेश के महाकोशल-विंध्य में भारी वर्षा के आसार हैं। बुधवार को खरगोन में 18, छतरपुर जिले के खजुराहो में 16, सीधी में 10, बालाघाट जिले के मलाजखंड में सात, टीकमगढ़ में छह, नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में एक और मंडला में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुई।
मौसम विभाग ने गुरुवार को सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना और छतरपुर में भारी वर्षा, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत 46 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उप्र-गुजरात के कुछ हिस्सों से लौट चुका है। इसकी वापसी रेखा फिलहाल मुजफ्फरनगर, धौलपुर, उदयपुर से होकर गुजर रही है।
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| शहर | अधिकतम (°C) | न्यूनतम (°C) |
| भोपाल | 31.4 | 22.4 |
| इंदौर | 34.0 | 22.0 |
| ग्वालियर | 35.4 | 26.0 |
| जबलपुर | 32.7 | 24.0 |