
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र से प्रदेश के पूर्वी-उत्तरी जिलों में अति भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार-शनिवार की रात रीवा संभाग में हुई अति भारी बरसात से सतना, रीवा जिलों के नदी-नालों में ऐसी बाढ़ आई कि रेल यातायात रोकना पड़ा। अभी मौसम के जो संकेत हैं, उसमें अगले चार दिनों तक इस क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराता दिख रहा है।
मौसम विभाग ने विंध्य-महाकोशल के सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, सिवनी, मंडला व बालाघाट जिलों में रविवार को भी भारी से अति भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है। सोमवार को भी सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और मैहर जिलों में भारी वर्षा का अंदेशा है।
अगले दो दिनों तक इस क्षेत्र में भारी वर्षा की गतिविधियां संभावित हैं। इनका विस्तार पन्ना और छतरपुर तक हो सकता है। एक और दो सितंबर को सीधी, सतना, उमरिया, शहडोल, मंडला और डिंडौरी में अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे लगे बंगाल-उत्तर ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटे में और प्रभावी होगा। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से इसका प्रभाव मध्य प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम को प्रभावित कर रहा है।
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रविवार को यह सिस्टम पूर्वी जिलों पर अति मेहरबान रहेगा, लेकिन मध्यवर्ती जिलों जैसे भोपाल और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की छिटपुट बरसात होती रहेगी। सोमवार को निम्न दबाव क्षेत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ बारिश का प्रभाव पूर्वी हिस्सों से मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है।
भोपाल, नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन, सीहोर समेत आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दौर हो सकते हैं। वहीं मालवा और निमाड़ के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।