
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मानसून की विदाई के बाद भी प्रदेश में स्थानीय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से बारिश का दौर जारी है। दशहरा पर मंगलवार शाम तक इंदौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा, देवास, सीहोर, सागर और हरदा जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बरसात दर्ज हुई है।
वहीं, बुधवार को भोपाल सहित पश्चिम और मध्यक्षेत्र के 26 जिलों में कहीं-कहीं बारिश के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग ने झंझावात और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की है।
मौसम विज्ञान विभाग ने रतलाम के आलोट और सीहोर में सबसे अधिक सात मिलीमीटर बारिश दर्ज की है। वहीं इंदौर 6.7, गोगावां छह, रतलाम के ताल में पांच, देवास के कन्नौद में चार, सागर के गढ़ाकोटा में 3.4, बीना में तीन, शाहगढ़ में एक मिलीमीटर और सागर में उससे भी कम बरसात दर्ज हुई है। दोपहर बाद हरदा में भी 30 मिनट तक तेज बरसात हुई। वहीं खंडवा में भी अच्छी बारिश दर्ज हुई।
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मौसम विज्ञानियों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण और अरब सागर में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह हालात बने हैं। इसका प्रभाव पश्चिमी और मध्यक्षेत्र के जिलों पर है। पूर्व क्षेत्र के दोनों संभागों में इस सिस्टम का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी।