
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी बरकरार है। गुरुवार को प्रदेश में सबसे कम 3.2 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। खजुराहो एवं शहडोल में शीतलहर का प्रभाव रहा। ग्वालियर, दतिया में अति घना कोहरा रहा। खजुराहो, रीवा एवं सतना में घना कोहरा छाया रहा। घने कोहरे के कारण ग्वालियर में अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो ग्वालियर के न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस की तुलना में सिर्फ 3.3 डिग्री अधिक रहा।
साथ ही यह अभी तक के मौजूदा रिकॉर्ड में दिन का सबसे कम तापमान भी है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्यौपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर में शीतल दिन रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी दो दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने के आसार हैं।
ठंड को देखते हुए ग्वालियर कलेक्टर ने शासकीय व अशासकीय स्कूलों में कक्षा आठवीं तक छात्रों की छुट्टी कर दी है। यह अवकाश नौ व 10 जनवरी को रहेगा। यह आदेश सीबीएसई, शिक्षा विभाग व आइसीएसई सहित सभी शासन से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौ से 31 जनवरी तक पोषण आहार के लिए बच्चे प्रातः 11.30 से दोपहर 2.30 बजे तक आ सकेंगे। इसके बाद बच्चों की छुट्टी कर दी जाएगी। वहीं मुरैना में आज और कल के दिन स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
ग्वालियर में कोहरे के चलते ट्रेनों के देरी से चलने का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। शताब्दी, वंदे भारत, राजधानी, गतिमान एक्सप्रेस जैसी हाइ स्पीड ट्रेनें भी घंटों की देरी से चलीं। सबसे अधिक सचखंड एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे की देरी से स्टेशन पहुंची। बाकी ट्रेनें एक से तीन घंटे तक लेट रहीं। ट्रेनों के सफर का समय बढ़कर दोगुना हो गया है। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सर्दी के मौसम में घंटों यात्रियों को प्लेटफार्म पर खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। कोहरा का असर सिर्फ सुबह के समय ही नहीं, बल्कि पूरे दिन बना है। इसके चलते ट्रेनें रेंगती हुई चल रही हैं।
नई दिल्ली से ये ट्रेनें आईं लेट
झांसी से ये ट्रेनें आईं देरी से
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पंजाब एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। उत्तर भारत पर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे ने बताया कि मौसम का इस तरह का मिजाज अभी दो दिन तक इसी तरह बना रह सकता है। विशेषकर ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग के जिलों में घना कोहरा बना रहने और शीतल दिन रहने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि विदर्भ एवं उसके आसपास एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। उसके प्रभाव से न्यूनतम तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन घना कोहरा बना रहने के कारण प्रदेश के उत्तरी भाग में दिन एवं रात में कड़ाके की सर्दी बनी रह सकती है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसपीएस सिंह का कहना है कि लगातार कड़ाके की ठंड और कोहरे से फसलों पर पाला पड़ने की आशंका है ऐसे में किसानों को अब अपने पौधों के अनुसार उपाय तैयार रखना चाहिए। बता दें कि ग्वालियर में इसके पहले 20 जनवरी 2024 को दिन का सबसे कम 11.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ था।