
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर, श्यौपुर कला, भिंड, मुरैना, दतिया और निवाड़ी जिले में भी प्रवेश कर गया। अब सिर्फ सीधी एवं सिंगरौली के उत्तरी क्षेत्र में ही मानसून की दरकार है। बाकी पूरे प्रदेश में मानसून छा चुका है। इसके साथ ही प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में तेजी भी आने लगी है।
इसी क्रम में गुरुवार को सुबह साढ़े 8 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक खजुराहो में 44, नौगांव में 28, पचमढ़ी में 26, छिंदवाड़ा में 13, भोपाल में 12, रायसेन में पांच, रतलाम में चार, नर्मदापुरम में तीन, उज्जैन एवं जबलपुर में दो और ग्वालियर में एक मिलीमीटर वर्षा हुई।
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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अरब सागर के साथ ही अब बंगाल की खाड़ी में भी मानसूनी हलचल बढ़ने लगी है। इस वजह से भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, उज्जैन, इंदौर एवं ग्वालियर संभाग के जिलों में झमाझम वर्षा का सिलसिला शुरू हो सकता है। शेष क्षेत्र में हल्की वर्षा होने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। गुजरात के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना है। इस चक्रवात से लेकर बिहार तक एक द्रोणिका लाइन बनी हुई है।
राजस्थान के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में भी एक चक्रवात है। महाराष्ट्र से केरल तक एक द्रोणिका बनी हुई है। अरब सागर से लेकर विदर्भ होते हुए बंगाल की खाड़ी तक भी एक द्रोणिका बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अरब सागर से लगातार ऊर्जा मिलने के कारण मध्य प्रदेश में मानसून की वर्षा का सिलसिला बढ़ने लगा है। बंगाल की खाड़ी में अभी तक सुस्त पड़ी मानसूनी हलचल में भी अब सक्रियता बढ़ने लगी है।
उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बन गया है। इस वजह से मध्य प्रदेश में अच्छी वर्षा का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
विशेषकर भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, उज्जैन, इंदौर संभाग के अधिकतर जिलों एवं ग्वालियर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है। शेष जिलों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा होने के आसार हैं।