
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं का रुख बार-बार बदलने लगा है। बीच-बीच में उत्तरी हवाएं चलने से फिलहाल तपिश पर ब्रेक लग गया है। इस वजह से अब दिन के तापमान में बढ़ोतरी की संभावना कम है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, विपरीत दिशा की हवाओं के संयोजन के कारण 16 मार्च से मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है।
इसके तहत जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। इस दौरान भोपाल, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में बादल छा सकते हैं। साथ ही बूंदाबांदी भी हो सकती है। इस तरह का मौसम 18 मार्च तक बना रह सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी पीके रायकवार के मुताबिक, वर्तमान में पाकिस्तान के आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके साथ एक द्रोणिका भी संबद्ध है। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। वर्तमान में हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तरी हवाओं के कारण अब तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना कम है। उधर, प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं एवं शुष्क हवाओं का आपसी संयोजन होने के संकेत मिले हैं। इस वजह से 16 मार्च से पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल जाएगा।
जबलपुर, शहडोल, रीवा, सागर संभाग के जिलों में बादल छाएंगे। तेज हवाएं चलने के साथ ही गरज-चमक के साथ वर्षा का सिलसिला भी शुरू हो सकता है। 17 मार्च को जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। इस दौरान भोपाल, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में भी बादल छा सकते हैं। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी सकती है।