
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बनी तीन मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं के साथ कुछ नमी आ रही है। इस वजह से कहीं-कहीं आंशिक बादल बने हुए हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, सोमवार को नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है। अब प्रदेश के शेष क्षेत्रों में तापमान में बढ़ोतरी होगी।
उधर, रविवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक मलाजखंड में तीन, सिवनी में एक मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शेष स्थानों पर मौसम लगभग शुष्क रहा। इसके चलते तापमान में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक 42 डिग्री सेल्सियस तापमान सीधी में रिकार्ड किया गया। 15 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। भोपाल में भी अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जो शनिवार के अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस की तुलना में 3.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इसके साथ एक द्रोणिका भी संबद्ध है। पश्चिमी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त पूर्वी विदर्भ से लेकर मध्य महाराष्ट्र और कर्नाटक से होते हुए एक द्रोणिका भी बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि सोमवार को नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा हो सकती है। शेष शहरों में अब तापमान में बढ़ोतरी होगी। अगले तीन-चार दिन में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। चार मई को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत पहुंचने के बाद पांच मई से एक बार फिर तापमान में कुछ गिरावट होने लगेगी।