
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के चारों ओर रिंग रोड के सपने को पूरा करने वाले पश्चिमी बाईपास (वेस्टर्न बाईपास) को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। यह नया मार्ग अब केवल वाहनों की रफ्तार के लिए नहीं होगा, बल्कि एमपीआरडीसी फंदा से लेकर ईंटखेड़ी के बीच इस बाईपास के दोनों ओर एक सुव्यवस्थित नया शहर बसाने की तैयारी कर रही है।
तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने इस ग्रीनफील्ड बाईपास के आसपास टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ एमपीआरडीसी के आला अधिकारियों का कहना है कि बाईपास का निर्माण कार्य दो महीने में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। लिहाजा एक तरफ निर्माण शुरू होगा, दूसरी तरफ नगर नियोजन को लेकर सर्वे किया जाएगा।
अवैध निर्माण पर लगेगी लगाम
अक्सर देखा गया है कि नए बाईपास के बनते ही बैरागढ़, फंदा और नीलबड़ जैसे इलाकों के बाहरी हिस्सों में अनियंत्रित और अवैध कालोनियां कटने लगती हैं। इससे भविष्य में बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं देना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए एमपीआरडीसी ने निर्माण से पहले ही नगर नियोजन का फैसला लिया है।
अब सलाहकार एजेंसियां यह तय करेंगी कि बाईपास के किनारे कहां रेजिडेंशियल ब्लाक होंगे, कहां इंडस्ट्रियल हब बनेगा और किन हिस्सों को ग्रीन बेल्ट के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।
24 महीने में तैयार होगा पूरा मास्टर प्लान
एमपीआरडीसी के अनुसार चयनित कंसल्टेंसी फर्म अगले 24 महीनों तक इन क्षेत्रों का तकनीकी अध्ययन करेगी। इसमें इंदौर रोड (फंदा) से शुरू होकर बैरसिया-विदिशा रोड (ईंटखेड़ी) तक की जमीन की व्यवहार्यता रिपोर्ट और भविष्य की जरूरतों का नक्शा तैयार किया जाएगा। इस सर्वे में मौजूदा पूर्वी बाईपास (11 मील से आगे) के पास के क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।
एक नजर में प्रोजेक्ट
दायरा : फंदा (इंदौर रोड) से ईंटखेड़ी (बैरसिया रोड) तक।
प्रमुख क्षेत्र : बैरागढ़ के बाहरी इलाके, नीलबड़ और बिलखिरिया का कुछ हिस्सा।
प्लानिंग अवधि : सलाहकार को 24 महीने में देनी होगी रिपोर्ट।
लक्ष्य : शहर का व्यवस्थित विस्तार और अवैध कालोनियों पर रोक।
बाईपास का निर्माण कार्य शुरू कर देंगे
हम दो महीने में बाईपास का निर्माण कार्य शुरू कर देंगे। रही बात सर्वे की, वह एक निश्चित एरिया में होना है। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे का काम होगा। एजेंसी के फाइनल होते ही यह काम जल्द शुरू किया जाएगा।
भरत यादव, एमडी, एमपीआरडीसी
यह भी पढ़ें- भोपाल के पॉश इलाके श्यामला हिल्स में 20 आवारा कुत्तों को दिया जहर, 15 की मौत; पुलिस ने शुरू की जांच