
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। संबल घोटाले में बची हुई राशि की वसूली को लेकर नगर निगम प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने घोटाले में शामिल तत्कालीन जोनल अधिकारियों की विस्तृत सुनवाई करते हुए साफ निर्देश दिए कि यह सरकारी धन की रिकवरी हर हाल में सुनिश्चित की जाए। आयुक्त ने कहा कि लंबे समय से लंबित वसूली अब और नहीं टाली जाएगी तथा जिम्मेदार अधिकारियों को बकाया राशि जमा करनी ही होगी।
मामला मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की संबल योजना से जुड़ा है। योजना के तहत मृत श्रमिकों के परिजनों को दो लाख रुपए की अनुग्रह सहायता और अंतिम संस्कार सहायता राशि दी जाती है। जांच में सामने आया था कि योजना के तहत कई मामलों में कथित रूप से गलत और अनियमित तरीके से करीब दो करोड़ रुपये की राशि भुगतान कराया गया। मामला सामने आने के बाद करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये की राशि जमा करा दी गई है, लेकिन चार अधिकारियों द्वारा करीब 80 लाख रुपये जमा कराना शेष है।
ये अधिकारी इस राशि को जमा कराने से बचने के लिए बहाने बना रहे हैं। इनमें से कुछ अधिकारियों ने विवादित भुगतान और जमा राशि के सत्यापन के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। उनका कहना था कि कई हितग्राहियों ने राशि वापस जमा कर दी है, लेकिन रिकॉर्ड और बैंक विवरण के मिलान में दिक्कत आ रही है। निगम प्रशासन के अनुसार, यह अंतिम सुनवाई थी। पहले ही इन अधिकारियों को राशि जमा कराने के लिए काफी समय दिया जा चुका है। अब बकाया राशि जमा करनी ही होगी।
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कुछ अधिकारियों ने अतिरिक्त समय मांगा है, लेकिन कर्मचारियों को पहले भी कई बार समय दिया जा चुका है, लेकिन अब और मोहलत देने की स्थिति नहीं है। लंबित रिकवरी को लेकर निगम अब सख्त रुख अपनाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों से हर हाल में शेष राशि वसूली जाएगी। - संस्कृति जैन, आयुक्त, नगर निगम