
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नगर निगम भोपाल अमृत-2.0 के तहत जल आपूर्ति और सीवेज नेटवर्क के कामों को पूरा करने के लिए 493.49 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रहा है। शनिवार को ISBT स्थित निगम परिषद सभागृह में हुई बैठक में कर्ज लेने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इससे पहले नगर निगम साल 2018 में 178 करोड़ रुपये और 2024 में 88 करोड़ रुपये का कर्ज भी ले चुका है।
परिषद में पेश किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, अमृत-2.0 के तहत जल आपूर्ति और सीवेज परियोजनाओं की कुल स्वैप राशि 1522.29 करोड़ रुपये है। DPR में 1565.41 करोड़ रुपये और टेंडर प्रक्रिया के बाद कुल 1757.20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें केंद्र सरकार की 25 प्रतिशत और राज्य सरकार की 58 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बाकी 17 प्रतिशत राशि निगम को देनी है।
प्रोजेक्ट में अंशदान के तौर पर केंद्र और राज्य सरकार से 1263.5 करोड़ रुपये मिलेंगे। शेष 493.49 करोड़ रुपये नगर निगम को लगाना है। आय के नियमित स्रोतों से इसकी व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण निगम ने कर्ज का रास्ता चुना है।
इस परियोजना के तहत 600 किमी पेयजल लाइन डाली जानी है। 36 ओवरहेड टैंक बनाकर 40 हजार घरों को नया कनेक्शन और 400 बल्क कनेक्शन देना है। इससे कोलार और बड़े तालाब पर बने चार जल शोधन संयंत्रों की क्षमता भी बढ़ाई जानी है। वहीं 900 किमी लंबी सीवेज लाइन बिछाकर 1.21 लाख घरों को जोड़ा जाना है। 10 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा कर लिया जाना है।
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