
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अभियान चलेगा। भोपाल जिले में करीब नौ लाख 50 हजार और इंदौर में 12 लाख 20 हजार बच्चों को कृमिनाशक एल्बेंडाजोल गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में इस बार करीब दो करोड़ बच्चों और किशोरों तक दवा पहुंचाने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा पहुंचा दी है।
स्कूलों में दवा खिलाने के लिए नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। शिक्षकों को बताया गया है कि गोली चबाकर खाने के लिए देनी है और बच्चों में किसी तरह का डर न हो इसका ध्यान रखना है। एक से दो साल के बच्चों को आधी गोली पीसकर पानी के साथ दी जाएगी। जो बच्चे किसी कारण से छह अक्टूबर को दवा लेने से छूट जाएंगे, उन्हें 10 अक्टूबर को मापअप दिवस पर दवा खिलाई जाएगी। उस दिन स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर दवा ले सकते हैं।
पेट में कीड़े होने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है। इससे एनीमिया, कमजोरी और पढ़ाई में पिछड़ने जैसी समस्या आती है। अक्सर बच्चे बिना हाथ धोए खाना खा लेते हैं या नंगे पैर संक्रमित जगह पर चले जाते हैं, इससे कीड़े पेट में पहुंच जाते हैं। एल्बेंडाजोल की एक खुराक से ये कीड़े नष्ट हो जाते हैं। यह गोली पूरी तरह सुरक्षित है। इसका कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं है।
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कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। पेट के कीड़ों से बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास बाधित होता है। यह गोली पूरी तरह सुरक्षित है और एनीमिया से बचाव में मदद करती है। हमारा लक्ष्य है कि एक भी बच्चा दवा से वंचित न रहे। - डॉ. मनीष शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भोपाल।