NEET UG Exam 2025: बारिश होने से परीक्षा केंद्रों पर गुल रही बिजली, अंधेरे में विद्यार्थियों का भविष्य
NEET UG 2025 के दौरान इंदौर के कई परीक्षा केंद्रों पर बिजली व्यवस्था चरमरा गई। बारिश के चलते बिजली गुल रही, जिससे कई छात्रों को मोमबत्ती व इमरजेंसी लाइट में परीक्षा देनी पड़ी। स्कीम 78 सहित कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने अव्यवस्थाओं को लेकर विरोध जताया और पुनः परीक्षा की मांग की।
Publish Date: Sun, 04 May 2025 09:52:39 PM (IST)
Updated Date: Sun, 04 May 2025 09:52:39 PM (IST)
नीट एग्जाम में प्रशासन की लापरवाही। (फाइल फोटो)नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2025) में रविवार को इंदौर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था का आलम रहा। अचानक हुई वर्षा से शहरभर में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई, जिसका असर परीक्षा केंद्रों पर भी स्पष्ट रूप से नजर आया। अधिकांश केंद्रों पर न तो जनरेटर की व्यवस्था थी और न ही पर्याप्त पावर बैकअप, जिससे विद्यार्थियों को मोमबत्ती या इमरजेंसी लाइट की रोशनी में परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
स्कीम 78 में अभ्यर्थियों ने दिया धरना
स्कीम 78 स्थित शासकीय विद्यालय में परीक्षा के दौरान तीन से चार बार बिजली चली गई। परीक्षार्थियों के विरोध के बाद प्राचार्य शबाना शेख ने इमरजेंसी बल्ब की व्यवस्था की, लेकिन कम चार्जिंग के कारण वे मात्र 10 मिनट तक ही जल सके। परीक्षा के बाद विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने स्कूल के बाहर धरना दिया और अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
राजगढ़ निवासी पवन नागर ने बताया कि अंधेरे के कारण वह 15 से 20 प्रश्न हल नहीं कर सके। साक्षी ने दूसरी बार नीट परीक्षा दी थी। उन्होंने भी कहा कि वे पूरा प्रश्नपत्र हल नहीं कर पाईं।
मोमबत्ती की रोशनी में दी परीक्षा
पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में बिजली गुल होने पर इमरजेंसी लाइट की कोई व्यवस्था नहीं थी। करीब 600 विद्यार्थियों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी। कमरों में अंधेरा होने के कारण कई छात्र प्रश्न स्पष्ट रूप से नहीं पढ़ सके। किंजल गुप्ता ने बताया कि अंधेरे के कारण कई प्रश्न छूट गए।
मूसाखेड़ी और मालवा कन्या स्कूलों में भी बिजली बाधित
- मूसाखेड़ी स्थित शासकीय विद्यालय और मालवा कन्या स्कूल में भी परीक्षा के दौरान बार-बार बिजली गुल होती रही। इल्वा स्कूल में दोपहर 2:30 बजे से परीक्षा समाप्ति तक कई बार बिजली गई। चार बजे के बाद तो आधे घंटे तक कई कक्षों में अंधेरा रहा, जिससे विद्यार्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
प्राचार्य संजय मिश्रा ने बताया कि एनटीए की ओर से जनरेटर की व्यवस्था के स्पष्ट निर्देश नहीं मिले थे। उनका दावा है कि केवल एक-दो कमरों में अंधेरा था, जबकि अभिभावकों ने आरोप लगाया कि अधिकतर छात्रों को बिना रोशनी के ही पेपर हल करना पड़ा। प्रशासन की प्रतिक्रिया
- इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने स्वीकार किया कि कुछ केंद्रों पर बिजली और पावर बैकअप की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि अचानक मौसम बदलने से कुछ केंद्रों की बिजली व्यवस्था बाधित हुई। पावर बैकअप को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं थे। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
- परीक्षा जैसे संवेदनशील आयोजन में हुई इस बड़ी चूक ने कई छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर दिया है। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने मांग की है कि जिन छात्रों को इस समस्या के कारण नुकसान हुआ है, उन्हें पुनः परीक्षा देने का अवसर या उपयुक्त मुआवजा दिया जाए।