
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अभिनेत्री-मॉडल त्विषा शर्मा की मौत के मामले में आरोपित पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत का विरोध करते हुए पीड़ित पक्ष ने जबलपुर हाई कोर्ट में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए हैं। इनमें 12 और 13 मई 2026 की कॉल डिटेल के अनुसार, गिरिबाला ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया था।
पेश दस्तावेजों के अनुसार, गिरिबाला ने हाई कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश से चार बार फोन पर बात की। भोपाल में पदस्थ एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश से 12 बार और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के एक अधिकारी से चार बार फोन पर बात की।
इसी दौरान उन्होंने महानिदेशक स्तर के आईपीएस अधिकारी से छह बार और एक अन्य अतिरिक्त जिला न्यायाधीश से एक बार फोन पर संपर्क किया था।
आपत्ति में कहा गया है कि 12-13 मई की दरमियानी एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश भी एम्स भोपाल में गिरिबाला के परिवार के साथ मौजूद थे। वह परिवार के सदस्य नहीं थे। इसके समर्थन में आरोपितों के परिवार के व्हाट्सएप समूह में 20 मई को भेजे गए संदेश का हवाला दिया है।
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न्यायालय में पेश 56 पेज दस्तावेजों के मुताबिक, 13 मई को गिरिबाला ने एक ब्यूटी पार्लर की संचालक को फोन कर त्विषा के 12 मई को पार्लर आने, समय, भुगतान के माध्यम और सीसीटीवी कैमरों के बारे में पूछा था। सीबीआई को दिए बयान में पार्लर संचालिका ने इसकी पुष्टि की है। बाद में कुछ लोग सीसीटीवी फुटेज लेने पार्लर पहुंचे थे।
त्विषा के स्वजन ने इन गतिविधियों को जमानत के विरोध का आधार बनाया है। उनका तर्क है कि आरोपित को जमानत मिली तो वह जांच और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। उच्च न्यायालय ने फिलहाल जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।