• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

NGT सर्वे में खुलासा: भोपाल के चौराहों पर शोर का 'ओवरलोड'; 69 में से 47 जगहों पर ध्वनि प्रदूषण खतरनाक स्तर पर

जांच के दौरान 69 में से 68 चौराहों पर पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम बंद मिले, इसके बावजूद कई स्थानों पर ध्वनि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन दर्ज हुआ। रिपोर्ट क...और पढ़ें

By anuj mainaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sun, 11 Oct 2026 02:18:02 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Oct 2026 02:18:02 PM (IST)
NGT सर्वे में खुलासा: भोपाल के चौराहों पर शोर का 'ओवरलोड'; 69 में से 47 जगहों पर ध्वनि प्रदूषण खतरनाक स्तर पर
भोपाल का बोर्ड ऑफिस चौराहा। नईदुनिया।

HighLights

  1. 69 में से 47 चौराहों पर मानक से अधिक शोर
  2. काली मंदिर तिराहा सबसे अधिक शोर वाला स्थान
  3. 68 चौराहों पर स्पीकर बंद, फिर भी शोर अधिक

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । शहर के चौराहों पर लालबत्ती का इंतजार करते समय वाहनों के हार्न, इंजन और आसपास की गतिविधियों से उठने वाला शोर अब ध्वनि प्रदूषण के मानकों को भी पीछे छोड़ रहा है। स्थिति यह है कि राजधानी के 69 प्रमुख चौराहों पर किए गए सर्वे में 47 स्थानों पर औसत ध्वनि स्तर निर्धारित सीमा से अधिक मिला है।

काली मंदिर तिराहे पर शोर 89.90 डेसीबल तक पहुंच गया, जबकि अल्पना तिराहे पर 88.56 डेसीबल दर्ज किया गया। खास बात यह है कि जांच के दौरान 68 चौराहों पर पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम के स्पीकर बंद थे, इसके बावजूद वहां शोर अधिक मिला।


इससे स्पष्ट होता है कि ध्वनि प्रदूषण की वजह केवल उद्घोषणा प्रणाली नहीं, बल्कि यातायात और आसपास की गतिविधियां भी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 22 चौराहों पर ही शोर निर्धारित मानकों के भीतर रहा।

दरअसल, राशिद नूर खान बनाम कलेक्टर भोपाल एवं अन्य मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यातायात चौराहों पर लगे पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम की जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद 21 से 24 सितंबर तक सुबह 10 से शाम छह बजे तक 69 चौराहों पर ध्वनि स्तर मापा और रिपोर्ट को एनजीटी में पेश की।

- पुराने शहर के चौराहों पर सबसे ज्यादा शोर

सर्वे में काली मंदिर तिराहा सबसे अधिक शोर वाला स्थान रहा। यहां औसत ध्वनि स्तर 89.90 डेसीबल दर्ज किया गया। इसके अलावा अल्पना तिराहे पर 88.56, प्रभात पेट्रोल पंप चौराहे पर 86.51, बैरागढ़ रेलवे स्टेशन पर 85.21, करोंद के बेस्ट प्राइस तिराहे पर 85.13 और नादरा बस स्टैंड चौराहे पर 84.78 डेसीबल दर्ज किया गया।

जिला न्यायालय चौराहे पर भी औसत शोर 81.56 डेसीबल रहा। इसके उलट शिवाजी चौराहे पर सबसे कम 53.34 डेसीबल ध्वनि स्तर दर्ज किया गया।

- आवासीय इलाकों में भी तय सीमा से ज्यादा आवाज

ध्वनि प्रदूषण की स्थिति केवल व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। आवासीय क्षेत्र के रूप में दर्ज त्रिलंगा तिराहे पर औसत ध्वनि स्तर 75.02 डेसीबल और कोहेफिजा-अहमदाबाद पैलेस तिराहे पर 76.34 डेसीबल मिला।

आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय ध्वनि की निर्धारित सीमा 55 डेसीबल है। इस लिहाज से इन इलाकों में दर्ज स्तर मानक से काफी अधिक है।

- किस क्षेत्र में कितनी तय है शोर की सीमा

ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में दिन और रात के मानक तय किए गए हैं। इन मानकों के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र में दिन में शोर की मात्रा 75 डेसीबल और रात में 70 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इसी तरह व्यावसायिक क्षेत्र के लिए दिन में 65 और रात में 55 डेसीबल, आवासीय क्षेत्र के लिए दिन में 55 और रात में 45 डेसीबल और शांत क्षेत्र के लिए दिन में 50 और रात में 40 डेसीबल निर्धारित है।

यह भी पढ़ें- बड़े तालाब में बिना परमिशन सिंघाड़े की खेती पर बवाल, NGT ने कसी नकेल, IARI करेगा फसल की जांच

- एनाउंसमेंट सिस्टम बंद, फिर भी शोर ज्यादा

सर्वे का एक अहम पहलू यह है कि माप के समय 69 में से 68 चौराहों पर पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम बंद थे। सिर्फ कोलार तिराहे पर प्रणाली चालू मिली। इसके बावजूद कई स्थानों पर ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों से अधिक दर्ज हुआ। रिपोर्ट में साफ किया है कि इन आंकड़ों के आधार पर पूरे शोर के लिए ट्रैफिक एनाउंसमेंट सिस्टम को अकेले जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

सर्वे के दौरान वाहनों की आवाजाही और आसपास की अन्य गतिविधियां भी शोर में हिस्सेदारी थी। कोलार तिराहे पर एनाउंसमेंट सिस्टम चालू होने के बावजूद नियम ध्वनि स्तर सीमा में था।

भोपाल के सबसे ज्यादा शोर वाले टॉप-10 चौराहे

क्र. चौराहा / तिराहा औसत शोर (डेसीबल में)
1. काली मंदिर तिराहा 89.90
2. अल्पना तिराहा 88.56
3. प्रभात पेट्रोलपंप चौराहा 86.51
4. बैरागढ़ रेलवे स्टेशन जंक्शन 85.21
5. बेस्ट प्राइस, करोंद तिराहा 85.13
6. नादरा बस स्टैंड चौराहा 84.78
7. संत स्वामी प्रकाश जंक्शन 83.79
8. सिंधी कॉलोनी जंक्शन 82.90
9. वीआईपी गेस्ट हाउस, रत्नागिरी तिराहा 81.69
10. जिला अदालत चौराहा 81.56