MP में फिर गरमाया 27% OBC आरक्षण का मुद्दा, महासभा ने किया चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान; 15 अक्टूबर को प्रदर्शन
ओबीसी महासभा ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। संगठन आरक्षण की मांग को लेकर चरणबद्ध आं...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 08:24:18 AM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 08:30:13 AM (IST)
प्रतीकात्मक-एआई से तैयारHighLights
- 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए 15 अक्टूबर को प्रदर्शन
- सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई जारी रखने की तैयारी
- जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम की मांग
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के साथ-साथ प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। ओबीसी महासभा ने 15 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने का निर्णय लिया है।
विभिन्न संगठनों की एक बैठक नागपुर में भी रविवार को हुई, जिसमें जनगणना में ओबीसी के लिए अलग से कॉलम रखने और आरक्षण बढ़ाने की मांग को जन आंदोलन बनाने का निर्णय लिया गया।
जिला मुख्यालयों पर होगा प्रदर्शन
ओबीसी महासभा के सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने बताया कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की लड़ाई हर स्तर पर लड़े जाने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। पहले 15 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन होगा और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे।
वहीं, कानूनी लड़ाई भी जारी रखी जाएगी। जबलपुर हाई कोर्ट के निर्णय की रोशनी में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से परामर्श किया जा रहा है और जल्द ही आगामी कदम उठाया जाएगा।
नागपुर में बनी रणनीति
उधर, पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष विभा पटेल ने बताया कि रविवार को नागपुर में विभिन्न प्रदेशों में ओबीसी के हित में काम करने वाले संगठनों की बैठक हुई। इसमें जनगणना में ओबीसी की अलग से गिनती की आवाज उठाने का निर्णय लिया गया।
अभी गिनती में ओबीसी के लिए अलग से कोई कॉलम नहीं है। ऐसे में यह पता ही नहीं चल पाएगा कि देश में ओबीसी कितने हैं। जब तक यह स्पष्ट नहीं होगी, तब तक शासन-प्रशासन में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं हो सकेगा। इसके साथ ही ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम जल्द ही घोषित होगा।
बता दें, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत ही रखने का निर्णय सुनाया है।