भोपाल में डेंगू के खिलाफ प्रशासन सख्त; हॉटस्पॉट पर खाली प्लाटों में गंदगी मिली तो लगेगा स्पॉट फाइन
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। खाली प्लाटों में गंदगी और जलभराव मिलने पर स्पॉट फाइन लगाया जाएगा।
Publish Date: Wed, 28 Oct 2026 02:39:39 PM (IST)Updated Date: Wed, 28 Oct 2026 02:39:39 PM (IST)
बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए। सौ-विभागHighLights
- खाली प्लाटों में गंदगी और जलभराव मिलने पर स्पॉट फाइन लगेगा
- हाई रिस्क महिलाओं की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश
- आभा आईडी और बुजुर्गों के आधार पंजीयन पर फोकस
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की संयुक्त बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की और कई अहम निर्देश दिए। बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। बैठक में डेंगू को लेकर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताई।
उन्होंने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को शहर के डेंगू हॉटस्पाट का संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए। खाली प्लाटों में जलभराव और गंदगी मिलने पर स्पॉट फाइन लगाने को कहा गया, ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।कलेक्टर ने सुमन पंचायत के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
गर्भवती महिलाओं की निगरानी पर जाेर
उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। फंदा और बैरसिया ब्लॉक में सुमन पंचायत के चयन के निर्देश दिए गए। मैदानी स्तर पर विभागों के बीच समन्वय और नियमित निगरानी रखने को कहा गया।
गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। गर्भावस्था की जल्दी पहचान, समय पर पंजीयन, तय अंतराल पर जांच, जरूरी टेस्ट और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान व निगरानी पर जोर दिया गया।
आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करने को कहा गया, ताकि मातृ और शिशु मृत्यु दर कम हो सके।
डिजीटल आईडी बनाने पर फोकस
आयुष्मान भारत डिजीटल मिशन के तहत आभा आईडी निर्माण की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने कहा कि आभा आईडी से लोगों का हेल्थ रिकॉर्ड डिजीटल रूप में रहेगा और सेवाएं आसान होंगी। लोगों को जागरूक करने और लक्ष्यों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।
70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के शत-प्रतिशत आधार पंजीयन पर भी विशेष जोर दिया गया। दस्तावेजों में गलती होने पर उसे ठीक कराने में मदद करने को कहा गया, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सुविधा से वंचित न रहे।