भोपाल: एडवांस लेने के बाद भी अटकाया मॉड्यूलर किचन का काम; इंटीरियर कंपनी को लौटाना होंगे 2.07 लाख रुपये
जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-1 ने होम इंटीरियर कंपनी को 1.99 लाख रुपये की अग्रिम राशि और 8 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में लौटाने का आदेश दिया।
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 05:03:19 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 05:03:19 PM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- समय पर शुरू नहीं हुआ मॉड्यूलर किचन का काम
- काम न करने पर कंपनी पर 2.07 लाख का जुर्माना
- नो रिफंड पॉलिसी का तर्क खारिज, उपभोक्ता आयोग का फैसला
नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। मॉड्यूलर किचन का काम तय समय में शुरू नहीं करने और अग्रिम राशि वापस करने से इनकार करने पर जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-1 ने होम इंटीरियर कंपनी को उपभोक्ता को 2.07 लाख रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं। इसमें 1.99 लाख रुपये की अग्रिम राशि और 8 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के शामिल हैं।
दरअसल करोंद निवासी रीना सिंह ने घर की किचन को मॉड्यूलर करवाने के लिए लिवस्पेस होम इंटीरियर से संपर्क किया था। कंपनी ने पूरे काम की लागत 3.96 लाख रुपये बताई थी। ऑर्डर बुक करने के लिए कुल राशि की 50 प्रतिशत रकम जमा करनी थी।
तय समय में न सामग्री आई, न शुरू हुआ इंस्टालेशन
भुगतान के बाद निर्धारित अवधि में न तो किचन की सामग्री उपलब्ध कराई गई और न ही इंस्टालेशन का काम शुरू किया गया। नवंबर 2025 तक काम शुरू नहीं होने पर रीना सिंह ने दूसरी एजेंसी से किचन का काम कराया।
इसके बाद उन्होंने कंपनी से अग्रिम राशि वापस मांगी, लेकिन कंपनी ने अपनी नो-रिफंड पॉलिसी का हवाला देते हुए रकम लौटाने से इन्कार कर दिया। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानकर दोषी ठहराया।
दस्तावेजों के आधार पर सेवा में कमी मानी
रीना सिंह ने मार्च 2026 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की। उन्होंने वर्क ऑर्डर, ऑनलाइन भुगतान की रसीद, ई-मेल, कानूनी नोटिस और डाक संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए। कंपनी को नोटिस मिलने के बावजूद उसकी ओर से जवाब या दस्तावेज पेश नहीं किए गए।
आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल, सदस्य डॉ. प्रतिभा पांडेय और डॉ. संजीव सिंह की बेंच ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माना कि राशि लेने के बावजूद तय समय में काम पूरा नहीं करना और अग्रिम राशि वापस नहीं करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा है।