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भोपाल में स्वाइन फ्लू और वायरल का डबल अटैक: 80 मरीज मिले, 2 की मौत; OPD में 30% मरीज मौसमी बीमारियों से पीड़ित

मौसम में बदलाव के कारण कई मरीजों में बुखार, लगातार खांसी और कमजोरी एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रह रही है। समय पर डॉक्टर से परामर्श न लेने पर संक्रमण...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 05:07:52 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 05:07:52 PM (IST)
भोपाल में स्वाइन फ्लू और वायरल का डबल अटैक: 80 मरीज मिले, 2 की मौत; OPD में 30% मरीज मौसमी बीमारियों से पीड़ित
फोटो एआई से तैयार की गई है।

HighLights

  1. भोपाल में एक महीने में स्वाइन फ्लू के 80 मरीज मिले
  2. दो मरीजों की मौत; प्रदेश में 350 से ज्यादा केस दर्ज
  3. ओपीडी में मौसमी बीमारी और वायरल इंफेक्शन के मरीज बढ़े

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में बदलते मौसम और ठंड की दस्तक के साथ ही स्वाइन फ्लू (H1N1) और विभिन्न रेस्पिरेटरी वायरस तेजी से पांव पसार रहे हैं। राजधानी में पिछले एक महीने के भीतर स्वाइन फ्लू के 80 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 2 मरीजों की मौत की खबर है।

शहर के बड़े अस्पतालों हमीदिया, जेपी और एम्स भोपाल की ओपीडी में रोजाना पहुंचने वाले कुल मरीजों में से करीब 30% मरीज मौसमी बीमारियों और वायरल इंफेक्शन की चपेट में हैं।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि स्वाइन फ्लू या किसी भी गंभीर वायरल बुखार के इलाज में देरी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर असर डाल सकती है।

जांच में 20% तक सैंपल पॉजिटिव

राजधानी के तीनों प्रमुख सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को भारी भीड़ दर्ज की गई। अकेले एम्स भोपाल में 6,136, हमीदिया में 3,786 और जेपी अस्पताल में 2,246 मरीज पहुंचे। एम्स भोपाल में जांच के लिए आ रहे सैंपलों में से लगभग 20% रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही हैं (इनमें भोपाल के अलावा अन्य जिलों से रेफर होकर आए सैंपल भी शामिल हैं)।


स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 22 सितंबर तक अकेले भोपाल में 72 मामले सामने आए, जिनमें से सितंबर के शुरुआती दो हफ्तों में ही 46 मरीज मिले थे। पूरे मध्यप्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के 350 से ज्यादा केस दर्ज किए जा चुके हैं।

स्वाद-गंध गायब होने पर न घबराएं

अस्पतालों में पहुंच रहे कई मरीजों में बुखार और तेज बदन दर्द के साथ-साथ स्वाद और गंध कम होने की शिकायत देखने को मिल रही है। इस वजह से आम जनता में कोरोना (Covid-19) के लौटने की आशंका और खौफ बढ़ रहा है।

इस पर एम्स भोपाल के डीन (एकेडमिक्स) प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया:

"इस समय इंफ्लुएंजा और अन्य रेस्पिरेटरी वायरल एजेंट एक साथ सक्रिय हैं। स्वाद और गंध का कम होना केवल कोरोना का लक्षण नहीं है, यह अन्य रेस्पिरेटरी संक्रमणों में भी सामान्य है। सिर्फ लक्षणों के आधार पर किसी एक वायरस की पुष्टि नहीं की जा सकती, इसके लिए प्रॉपर डायग्नोस्टिक जांच जरूरी है।"

वहीं जीएमसी के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर मुताबिक, मौसम में बदलाव के कारण कई मरीजों में बुखार, लगातार खांसी और कमजोरी एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रह रही है। समय पर डॉक्टर से परामर्श न लेने पर संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया का रूप ले सकता है।

स्वाइन फ्लू (H1N1) के प्रमुख लक्षण और बचाव के उपाय

मुख्य लक्षण:

- अचानक तेज बुखार और सिरदर्द।

- लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी और गले में खराश।

- अत्यधिक थकान, कमजोरी और मांसपेशियों में तेज खिंचाव/दर्द।

- सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना (गंभीर स्थिति का संकेत)।

यह भी पढ़ें- एमपी में स्वाइन फ्लू का प्रकोप... इस वर्ष 400 से अधिक मरीज पॉजिटिव और 4 की मौत, इंदौर व भोपाल सबसे प्रभावित

बचाव और सावधानियां:

1. मास्क का उपयोग: भीड़भाड़ वाली जगहों और अस्पतालों में मास्क जरूर पहनें।

2. हाथों की स्वच्छता: बार-बार हाथ धोएं या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें।

3. खुद से दवा न लें: केवल डॉक्टर की सलाह से ही एंटी-वायरल या अन्य दवाएं लें, स्वयं से एंटीबायोटिक्स लेने से बचें।

4. आइसोलेशन: लक्षण दिखने पर घर में खुद को अलग रखें ताकि परिवार के बुजुर्गों और बच्चों में संक्रमण न फैले।