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दीवाली पर काम बंद की चेतावनी, मांगों पर अड़े MP के 45 हजार आउटसोर्स बिजली कर्मचारी

मध्य प्रदेश की छह बिजली कंपनियों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने 7 और 8 नवंबर को काम बंद करने की चेतावनी दी है। उनकी 34 मांगों को लेकर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निष्ठा परिसर, गोविंदपुरा में बैठक हुई।

By naman MishraEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 10:13:53 AM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 10:33:24 AM (IST)
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दीवाली पर काम बंद की चेतावनी, मांगों पर अड़े MP के 45 हजार आउटसोर्स बिजली कर्मचारी
प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. दीपावली पर 45 हजार कर्मचारी काम बंद करने की तैयारी में
  2. ठेका प्रथा खत्म कर सीधे वेतन और नियमितीकरण की मांग
  3. दुर्घटना मुआवजा 4 से बढ़ाकर 10 लाख करने की मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश की 6 बिजली कंपनियों में कार्यरत करीब 45 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने दीपावली पर 7 और 8 नवंबर को काम बंद करने की चेतावनी दी है। इसके बाद मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निष्ठा परिसर, गोविंदपुरा में कर्मचारियों की 34 मांगों को लेकर बैठक हुई।

इसमें कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) राकेश शर्मा, बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव, महासचिव दिनेश सिसोदिया और जनता यूनियन के उपाध्यक्ष ओपी सक्सेना शामिल हुए।

नियमों की अनदेखी का आरोप

बैठक में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले 20 वर्षों से दीपावली और अन्य राष्ट्रीय त्योहारों पर काम करने के बावजूद करीब 90 प्रतिशत आउटसोर्स कर्मचारियों को श्रम प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त पारिश्रमिक नहीं मिला है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में प्रदेश में ठेका प्रथा समाप्त कर पंजाब की तर्ज पर आउटसोर्स कर्मचारी विधेयक लागू करना, ठेकेदारों के बजाय बिजली कंपनियों से सीधे वेतन दिलाना और वरिष्ठता व योग्यता के आधार पर रिक्त पदों पर नियमित करना शामिल है। उन्होंने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, जोखिम भत्ता और रात्रि भत्ता देने, चिकित्सा अवकाश, बोनस में एकरूपता तथा अवकाश नकदीकरण की मांग भी रखी।


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दुर्घटना बीमा राशि बढ़ाने की मांग

संगठन ने विद्युत दुर्घटना में मृत कर्मचारियों के परिजनों को मिलने वाला मुआवजा 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने और तकनीकी कर्मचारियों का 20 लाख रुपये का बीमा कराने की मांग की। इसके अलावा कर्मचारियों को हर माह वेतन पर्ची देने, सेवा पुस्तिका बनाने और ई-हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक मशीनें लगाने की मांग भी उठाई गई।

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