
अंजली राय, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों को निश्शुल्क परिवहन सुविधा दी जानी थी, लेकिन सत्र का आधे से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रदेश के 19 जिलों के लगभग 125 सांदीपनि विद्यालयों में अब तक बस सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। इससे करीब डेढ़ लाख विद्यार्थियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश में करीब एक हजार सरकारी स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने हैं। पहले चरण में 274 विद्यालय शुरू किए गए। इन विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विद्यार्थियों के लिए परिवहन व्यवस्था का भी प्रविधान किया गया था।
योजना के अनुसार, निर्धारित दूरी के दायरे में आने वाले विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जानी थी।
यह व्यवस्था जुलाई 2023 से शुरू करने की थी, लेकिन कई जिलों में इसका लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। हालांकि लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी जिले के कलेक्टर को निर्देश देकर जिले स्तर पर बस सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सांदीपनि विद्यालयों के आसपास के क्षेत्रों में संचालित कम विद्यार्थी संख्या वाले करीब ढाई हजार स्कूलों का विलय किया गया था। विभाग की ओर से अभिभावकों को आश्वस्त किया गया था कि सांदीपनि विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं के साथ परिवहन व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद विद्यार्थियों को इन स्कूलों में पढ़ने के लिए जाना पड़ रहा है, लेकिन बस सुविधा शुरू नहीं होने से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पहले बस संचालन के लिए संभाग स्तर पर टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई थी। सात संभागों में प्रक्रिया पूरी हुई, जबकि जबलपुर, ग्वालियर और सागर संभागों में टेंडर नहीं हो सके। इन तीनों संभागों के 19 जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिवहन सुविधा से वंचित हैं। बाद में राज्य स्तर पर एक ही कंपनी के माध्यम से सभी सांदीपनि विद्यालयों में बसें संचालित करने के लिए सेंट्रलाइज टेंडर की प्रक्रिया पर विचार किया गया। हालांकि, इस प्रक्रिया में देरी के चलते बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
देवास और भोपाल के सांदीपनि विद्यालय बैरसिया के जेन अल्फा ने बस सुविधा की मांग को लेकर छह अगस्त को प्रदर्शन किया था। इसके बाद भी विद्यार्थियों को बस की सुविधा नहीं दी जा रही है।
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टेंडर प्रक्रिया केंद्रीकृत स्तर पर किया जा रहा है। इस कारण देर हो रही है, लेकिन जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। विद्यार्थियों को बस सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि जिले को अपने स्तर पर बस की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। - नंदा भलावे कुशरे, अपर मिशन संचालक, डीपीआई