
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस में पदोन्नति की लंबी प्रक्रिया के बाद अब डीएसपी स्तर पर भी रिव्यू डीपीसी की तैयारी है। मुख्य डीपीसी में निरीक्षक से डीएसपी बनाए गए अधिकारियों की पात्रता और पदोन्नति की शर्तों की दोबारा जांच की जाएगी। सूत्रों के अनुसार इसमें 15 से अधिक डीएसपी पदावनत हो सकते हैं। इनके स्थान पर पात्र पुलिस निरीक्षकों को डीएसपी पद पर पदोन्नत किए जाने की तैयारी है।
जिन डीएसपी की पदोन्नति पर पुनर्विचार किया जा रहा है, उनमें तीन अधिकारी ऐसे बताए जा रहे हैं, जो समान नाम के कारण पदोन्नति सूची में शामिल हो गए थे। इसके अलावा कुछ अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच चल रही है, जबकि कुछ अन्य पदोन्नति की निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करते हैं। संबंधित इकाइयों से मिली जानकारी के आधार पर अब इन मामलों की समीक्षा की जा रही है।
पुलिस मुख्यालय ने इस वर्ष विभिन्न संवर्गों में 25 हजार पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की है। डीएसपी स्तर पर डीपीसी में करीब 250 निरीक्षकों को पदोन्नत कर डीएसपी बनाया गया था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों से अधिकारियों के विरुद्ध लंबित विभागीय जांच, विभागीय दंड, न्यायालयीन मामलों और अन्य पात्रता संबंधी जानकारी मांगी। इसी जांच में अब डीएसपी स्तर पर रिव्यू डीपीसी की जरूरत सामने आई है।
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इससे पहले भी पुलिस मुख्यालय विभिन्न संवर्गों में हुई पदोन्नतियों की समीक्षा कर चुका है। विभागीय जांच, न्यायालयीन प्रकरण, दंड या अन्य पात्रता संबंधी अड़चनों के कारण 150 से अधिक उप निरीक्षक व निरीक्षकों की पदोन्नति निरस्त की जा चुकी है।
पुलिस में डीएसपी स्तर पर पदोन्नति के लिए 410 पद निर्धारित हैं। जुलाई में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से पहले करीब 297 पदों पर कार्यवाहक डीएसपी पदस्थ थे और 113 पद पदोन्नति कोटे में रिक्त बताए गए थे।