
बृजेंद्र ऋषीश्वर, नईदुनिया, भोपाल। साइबर ठगी को लेकर लगातार जागरूक करने के बाद लोग रोजाना इन ऑनलाइन ठगों के जाल में फंस रहे हैं। इस साल 1 जनवरी से 30 सितंबर 2026 के बीच यानी 273 दिनों में शहरवासी साइबर ठगी में 35.31 करोड़ रुपये गंवा चुके हैं। इस अवधि में पुलिस को 4,179 शिकायतें मिलीं, लेकिन इनमें से सिर्फ 943 मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो सकी।
पुलिस के आंकड़े बता रहे हैं कि शिकायतों और एफआईआर के बीच अंतर काफी अधिक है। 2019 से 2021 के बीच 8,614 शिकायतों पर 400 एफआईआर दर्ज हुईं। 2023 में 6,087 शिकायतों के मुकाबले केवल 50 और 2025 में 4,724 शिकायतों पर महज 60 एफआईआर हुईं। पुलिस अधिकारियों ने स्वीकार किया कि शिकायतों की संख्या दर्ज एफआईआर से काफी अधिक है।
इस साल राज्य साइबर-क्राइम मुख्यालय से 962 ई-जीरो एफआईआर भेजी गईं, जिनमें 943 थानों में सामान्य एफआईआर के रूप में दर्ज हुईं। यह व्यवस्था 25 दिसंबर 2025 को शुरू हुई थी और 31 अगस्त तक राज्य मुख्यालय में 6,000 से अधिक ई-जीरो एफआईआर दर्ज हो चुकी थीं। पहले यह सुविधा एक लाख रुपये या उससे अधिक की ठगी पर थी, जिसकी सीमा अब घटाकर 25,000 रुपये कर दी गई है।
साइबर ठगी की शिकार कल्पना शर्मा ने बताया कि जब राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करते हैं, तो कॉल डायल-112 पर जाती है, जहां उन्हें टोकन नंबर दिया जाता है। हमने इसे ही एफआईआर नंबर समझ लिया था, जबकि बाद में पता चला कि यह अपराध की शिकायत की एक प्रक्रिया की शुरुआत है।
राज्य साइबर मुख्यालय में रोजाना 1,500 से 1,600 शिकायतें आती हैं। एक पीड़ित से निर्धारित प्रारूप में जानकारी जुटाने में 20 से 30 मिनट लगते हैं। नतीजा यह कि केवल करीब 65 प्रतिशत पीड़ितों को उसी दिन शिकायत पर परामर्श मिल पाता है। कॉल-बैक के लिए पांच टीमें बनी हैं, जिनमें दो भोपाल, एक इंदौर और दो ग्वालियर में हैं। साथ ही मुख्यालय में कुल 255 कर्मियों का ही बल है।
2026 में अब तक 14.65 करोड़ रुपये साइबर पुलिस बैंक खातों में ठगी की रकम को फ्रीज कराए गए, जबकि 4.56 करोड़ रुपये पीड़ितों को लौटाए गए। गिरफ्तारियां घटकर 57 रह गईं, जो 2025 में 152 थीं। वहीं भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने 37 थानों में प्रशिक्षित साइबर पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। साइबर हेल्प डेस्क को शिकायतों के आधार पर A, B और C श्रेणी में बांटा गया है। 500 से अधिक शिकायतों वाले 12 थाने श्रेणी A में हैं, जहां छह-छह साइबर कर्मी लगे हैं। 100 से कम शिकायतों वाले थाने श्रेणी C में हैं, जहां दो-दो कर्मी हैं।
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ठगी होते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें। कॉल न लगे तो राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें, ताकि ई-जीरो एफआईआर जल्द दर्ज हो सके। - शैलेंद्र सिंह चौहान, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त