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राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में 10 साल बाद अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति मिलनी शुरू हो गई है। एक दिसंबर 2025 की स्थिति में पदोन्नति के लिए रिक्त पदों पर जुलाई 2026 से अब तक एक लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। वहीं इसी वर्ष दोबारा पदोन्नति दी जाएगी। इसमें 31 दिसंबर 2026 की स्थिति में पदोन्नति वाले पदों पर पात्रों को पदोन्नत किया जाएगा। वाणिज्यिक कर विभाग ने इसकी शुरुआत भी कर दी है।
2002 के पदोन्नति नियम को हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा 2016 में निरस्त किया गया था। हाई कोर्ट में लंबी सुनवाई चली। सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण अभी भी चल रहा है लेकिन 2025 के नियम पर हाई कोर्ट द्वारा कोई रोक न लगाए जाने के आधार पर पदोन्नति अंतिम न्यायालयीन निर्णय के अधीन दी जा रही है। सरकार ने तय किया है कि जो पात्र कर्मचारी हैं और दोबारा पदोन्नति के लिए पात्र हो गए हैं, उन्हें रिक्त पदों के विरुद्ध पदोन्नति दी जाए।
सामान्य प्रशासन विभाग ने 2026 के लिए दिसंबर की स्थिति में पद उपलब्धता को देखते हुए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक करने के निर्देश दिए थे। इसकी रोशनी में वाणिज्यिक कर विभाग ने अपने अंतर्गत आने वाले वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन एवं मुद्रांक के 160 पदों के लिए राज्य लोक सेवा आयोग के साथ बैठक कर ली। अन्य विभागों में भी तैयारी की जा रही है।
उधर, सीपीसीटी के कारण जिन चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं मिली थी, उन सभी के लिए नियम में संशोधन किया गया है। इसके बाद पदावनत कर्मचारियों को पदोन्नतियां दी जा रही हैं।
2026 के साथ-साथ विभागों को आगामी वर्ष के लिए भी डीपीसी करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस में लगभग ढाई हजार कर्मचारी पदोन्नत होंगे। इसमें 108 इंस्पेक्टर उप पुलिस अधीक्षक पद पर पदोन्नत होंगे। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्रियों को मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नति के लिए डीपीसी सात अक्टूबर को होने के बाद अभी तक आदेश नहीं निकले हैं।