MP के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी: घर बैठे मोबाइल एप से बुक होगी बस, बिना टिकट मिलने पर कंडक्टर पर भी होगी कार्रवाई
रेलवे की आईआरसीटीसी सेवा की तर्ज पर यात्री घर बैठे बस का रूट, बोर्डिंग पॉइंट और गंतव्य चुनकर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। शुरुआत भोपाल और इंदौर के आईएसब...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 10:44:38 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 11:05:16 AM (IST)
फाइल फोटोHighLights
- मप्र में जल्द ही मोबाइल एप से होगी बस टिकट बुकिंग
- भोपाल और इंदौर के आईएसबीटी से होगी शुरूआत
- प्रदेश में 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जल्द ही एक बड़ी सुविधा शुरू होने वाली है। रेलवे के आईआरसीटीसी की तर्ज पर अब मोबाइल एप के जरिए घर बैठे बस टिकट बुक करने की तैयारी की जा रही है।
मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपी-वायपीआईएल) द्वारा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत यह आधुनिक मोबाइल एप तैयार कराया जा रहा है। इस सेवा की शुरुआत सबसे पहले भोपाल और इंदौर के आईएसबीटी से किए जाने की योजना है।
मोबाइल एप और टिकट बुकिंग से जुड़ी मुख्य बातें
सुगम परिवहन सेवा: इस नई व्यवस्था के तहत यात्री घर बैठे ही बस का रूट, चढ़ने का स्थान (बोर्डिंग पॉइंट) और अपने गंतव्य का चयन कर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। हालांकि, अभी एप का आधिकारिक नाम, डाउनलोड लिंक और लॉन्चिंग की तारीख घोषित नहीं की गई है।
सुरक्षा और निगरानी: इस योजना के तहत बसों में जीपीएस और कैमरे हर समय चालू रखना अनिवार्य किया गया है, जिससे बसों की लाइव लोकेशन और सुरक्षा पर नजर रखी जा सके।
कंडक्टर और यात्रियों पर सख्त कार्रवाई: सुगम परिवहन सेवा के नियमों के तहत यदि कोई कंडक्टर किराया लेने के बावजूद यात्री को टिकट नहीं देता है, तो उस पर केस दर्ज करने और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर संबंधित यात्री पर भी कार्रवाई की जाएगी।
ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर की सौगात: सड़क हादसों पर अंक लगाने और चालकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रदेश में 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, छतरपुर और बैतूल में पांच रीजनल ड्राइविंग सेंटर शामिल हैं।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
परिवहन विभाग या आधिकारिक एजेंसी द्वारा एप का नाम और लिंक जारी होने तक किसी भी अनधिकृत या फर्जी एप से टिकट बुक करने से बचने की सलाह दी जाती है। बुकिंग, भुगतान के तरीकों, रिफंड और बस छूटने पर टिकट की वैधता से जुड़े स्पष्ट नियम आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएंगे।