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MP Ayush Admission 2026-27: मप्र के आयुष कॉलेजों में पढ़ेंगे विदेशी छात्र; BAMS, BHMS और BUMS में मिलेगा दाखिला

मध्य प्रदेश के आयुष कॉलेजों में बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस पाठ्यक्रमों में विदेशी विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे। समानता प्रमाण पत्र और भारत सरकार के ...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 03 Sep 2026 11:56:10 PM (IST)Updated Date: Thu, 03 Sep 2026 11:56:10 PM (IST)
MP Ayush Admission 2026-27: मप्र के आयुष कॉलेजों में पढ़ेंगे विदेशी छात्र;  BAMS, BHMS और BUMS में मिलेगा दाखिला
प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. मप्र के आयुष कॉलेजा में सत्र 2026-27 से विदेशी छात्रों को प्रवेश
  2. समानता प्रमाण पत्र और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की मंजूरी जरूरी
  3. प्रदेश में 39 आयुर्वेद, करीब 20 होम्योपैथी और चार यूनानी कॉलेज संचालित

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश के आयुष कॉलेजों में अब विदेशी छात्र भी पढ़ाई कर सकेंगे। आयुष विभाग ने जारी मध्यप्रदेश राजपत्र में विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

इसके बाद प्रदेश के आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पाठ्यक्रमों में विदेशी छात्रों के प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी।

समानता प्रमाण पत्र जरूरी

राजपत्र के अनुसार विदेशी नागरिक की प्रवेश पात्रता पर संबंधित विश्वविद्यालय या बोर्ड की ओर से जारी समानता प्रमाण पत्र और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की मंजूरी के आधार पर विचार किया जाएगा। विदेशी अभ्यर्थी के लिए समकक्ष अर्हक परीक्षा में अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना भी जरूरी होगा।

उपलब्ध सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।अब आयोग और आयुष मंत्रालय की ओर से विदेशी छात्रों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या और प्रवेश प्रक्रिया का विस्तृत ब्यौरा जारी किए जाने की संभावना है।


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प्रदेश में 39 कॉलेज संचालित

प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, बुरहानपुर, रीवा, इंदौर, मंदसौर, शिवपुरी और छतरपुर सहित विभिन्न शहरों में आयुर्वेद के 39 कॉलेज संचालित हैं। वहीं होम्योपैथी के करीब 20 और यूनानी के चार कॉलेज हैं। इन संस्थानों में आयुष की चार हजार से अधिक सीटें हैं।

देशभर में आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी के 900 से अधिक कालेजों में 50 हजार से ज्यादा सीटें बताई गई हैं।

विदेशी छात्रों के देश के आयुष कॉलेजों में अध्ययन से विदेशों में भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा का प्रचार-प्रसार होगा। इससे भारत और दूसरे देशों के बीच चिकित्सकीय सामंजस्य भी बढ़ेगा। सरकार को निर्धारित सीटों के अतिरिक्त विदेशी छात्रों के लिए अलग से सीटें बढ़ानी चाहिए। - डॉ. राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन।