'बातचीत सार्थक, पर हड़ताल जारी रहेगी'; भोपाल में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल से मिले पटवारी संघ के नेता, सीएस को भेजी गई नोटशीट
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात में प्रांतीय पटवारी संघ और मप्र पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगें रखीं। संघ के अनुसार, डिप्टी सीएम ने मा...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 04:08:38 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 04:08:38 PM (IST)
पटवारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को भोपाल में उप मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात की। सौ- आयोजकHighLights
- डिप्टी सीएम से मिले पटवारी संघ के नेता
- बर्खास्तगी और निलंबन वापस लेने की मांग
- स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री का काम ठप
डिजीटल डेस्क, भोपाल। प्रदेशभर में बर्खास्तगी और निलंबन की कड़ी कार्रवाई के बावजूद अपनी मांगों पर अड़े पटवारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को भोपाल में उप मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात की।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री राजेंद्र शुक्ल के निवास पर हुई इस बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने अपनी समस्याओं के साथ-साथ कार्रवाई के शिकार हुए पटवारियों की बर्खास्तगी और निलंबन को तुरंत रद्द करने की मांग रखी।
बैठक में प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी, मप्र पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद दोनों संघों के अध्यक्षों ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि डिप्टी सीएम ने उनकी मांगों को जायज और उचित माना है।
सीएस को नोटशीट भेजी
वार्ता के आधार पर सरकार के स्तर से एक सुधार नोटशीट तैयार कर मुख्य सचिव (सीएस) को भेजी गई है, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा चल रही है। संघ ने प्रदेशभर के पटवारियों से घबराने के बजाय धैर्य रखने और एकजुटता बनाए रखने की अपील की है।
मांगें पूरी होने के बाद ही काम पर वापसी
पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी वाजिब मांगें पूरी नहीं होतीं और दंडात्मक कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, तब तक कोई भी पटवारी काम पर वापस नहीं लौटेगा। संघ ने दोहराया कि वे पूरी मेहनत, ताकत और एकजुटता के साथ अपनी मांगों पर कायम हैं।
स्वामित्व योजना का 50 लाख का लक्ष्य अटका
पटवारियों के काम बंद आंदोलन की वजह से राज्य सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी 'स्वामित्व योजना' का काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को शुरू की गई इस योजना के तहत 1 महीने के भीतर आबादी भूमि पर काबिज 50 लाख हितग्राहियों को मुफ्त रजिस्ट्री देने का लक्ष्य रखा गया था।
हालांकि, 1 महीने की समयसीमा पूरी होने में महज 8 दिन शेष बचे हैं, लेकिन पटवारियों की हड़ताल के कारण अब तक प्रदेश में एक भी रजिस्ट्री दर्ज नहीं हो सकी है।