स्वामित्व योजना पर मप्र सरकार और पटवारियों में तकरार; 27 पटवारी बर्खास्त, सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़कर काम बंद
स्वामित्व योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, आगर मालवा, देवास और नीमच में कार्रवाई की गई। भोपाल में 3 पटवारियों क...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 08 Oct 2026 10:17:25 AM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2026 10:17:25 AM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- प्रदेश के 7 जिलों में 27 प्रोबेशनर पटवारी बर्खास्त
- 8 से 11 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश का ऐलान
- राजस्व और किसान सेवाओं पर असर की आशंका
डिजीटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच विवाद गहरा गया है। योजना के तहत अपेक्षित प्रगति न मिलने पर राज्य शासन द्वारा 7 जिलों में 3 साल के प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 27 पटवारियों की सेवा समाप्त (बर्खास्त) कर दी गई है।
इसके विरोध में प्रदेशभर के करीब 24 हजार पटवारी एकजुट हो गए हैं। पटवारी संघ ने 8 से 11 अक्टूबर तक 4 दिन के सामूहिक अवकाश पर रहने और सभी सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने का ऐलान किया है।
इन 7 जिलों में गिरी गाज
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उज्जैन, शाजापुर, रतलाम और मंदसौर में 4-4, आगर मालवा में 5 तथा देवास और नीमच में 3-3 प्रोबेशनर पटवारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इसके अलावा राजधानी भोपाल में भी 3 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रजिस्ट्री का लक्ष्य पूरा न होने पर एक्शन
जानकारी के अनुसार, स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में एक महीने में 50 लाख जमीनों की रजिस्ट्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि, शुरुआती 20 दिनों में एक भी रजिस्ट्री न होने के बाद प्रशासन ने प्रोबेशन पर काम कर रहे पटवारियों पर यह कड़ा कदम उठाया।
देवास कलेक्ट्रेट में देंगे धरना
पटवारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र बघेल ने कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि पटवारी सामूहिक अवकाश पर रहकर देवास कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही विरोध स्वरूप पटवारियों ने शासकीय व्हाट्सएप ग्रुप से भी खुद को अलग कर लिया है।
इन प्रमुख सरकारी व जनसेवा कार्यों पर पड़ेगा सीधा असर
राजस्व कार्य: जमीन का नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया।
कृषि व किसान योजनाएं: फसल सर्वे व बीमा, पीएम किसान सम्मान निधि, फार्मर आईडी और ई-केवाईसी।
नागरिक सेवाएं: सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण, वोटर वेरिफिकेशन और आपदा प्रबंधन से जुड़े अति-आवश्यक कार्य।