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शिक्षक पद वृद्धि आंदोलन का 43वां दिन: भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा की भूख हड़ताल; अभ्यर्थी बोले- कुछ हुआ तो शिक्षा मंत्री जिम्मेदार

शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में चल रहे आंदोलन में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और दीप्ति सिंह भी भूख हड़ताल पर बैठे।

By Anjali raiEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 08:07:28 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 08:07:28 PM (IST)
शिक्षक पद वृद्धि आंदोलन का 43वां दिन: भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा की भूख हड़ताल; अभ्यर्थी बोले- कुछ हुआ तो शिक्षा मंत्री जिम्मेदार
भोपाल में चल रहे आंदोलन में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और दीप्ति सिंह भी भूख हड़ताल पर बैठे। सौ- आयोजक

HighLights

  1. शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन का 43वां दिन
  2. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और दीप्ति सिंह भी भूख हड़ताल पर बैठे
  3. रिक्त होने के बावजूद वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती में कम पद रखने का आरोप

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में चल रहा आंदोलन 43वें दिन और उग्र हो गया है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर पिछले 23 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थी नरेंद्र सिंह राजपूत के समर्थन में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और दीप्ति सिंह भी अनशन पर बैठ गए।

मौके पर पहुंचे पीसी शर्मा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों को जायज ठहराया।

23 दिन से भूख हड़ताल पर नरेंद्र

आंदोलन के दौरान 23 दिनों से अनशन कर रहे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने एक औपचारिक घोषणा पत्र जारी कर शासन-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल या आंदोलन के दौरान उनके स्वास्थ्य या जीवन को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के आयुक्त अभिषेक सिंह की होगी।


कम पदों पर भर्ती से योग्य अभ्यर्थी वंचित

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बड़े पैमाने पर पद रिक्त होने के बावजूद सरकार द्वारा वर्ग-2 और वर्ग-3 की भर्ती में नाममात्र के पद शामिल किए गए हैं। इसके कारण वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों योग्य और पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर नहीं मिल पा रहा है।

अभ्यर्थियों की मांग है कि रिक्त पदों के अनुपात में भर्ती में पदों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए।

यह भी पढ़ें- MP में शिक्षकों का उपवास व सत्याग्रह: भोपाल में चलाया चरखा, ई-अटेंडेंस समाप्त करने और TET अनिवार्यता हटाने की मांग

सुरक्षा और मांगों पर निर्णय की अपील

घोषणा पत्र के माध्यम से आंदोलनकारियों ने शासन से अपील की है कि वे युवाओं के भविष्य को देखते हुए पदों में वृद्धि पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लें। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलनरत अभ्यर्थियों की सुरक्षा को लेकर भी जिम्मेदारी तय किए जाने की बात कही है।

अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक पद वृद्धि की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका सत्याग्रह और अनशन जारी रहेगा।