
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। वैश्विक ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों से अपना काफिला छोटा रखने की अपील का असर मध्य प्रदेश में दिखने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपना काफिला 13 से घटाकर छह वाहनों का कर दिया और उसमें एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को भी शामिल किया है।
मुख्यमंत्री का अनुसरण करते हुए मंत्रियों ने भी अपने वाहन कम किए और कार्यक्रमों में वाहन शेयरिंग कर यात्रा की। इन प्रयासों से प्रदेश के सरकारी वाहनों में उपयोग होने वाले पेट्रोल और डीजल की खपत में भी कमी आई है। प्रधानमंत्री मोदी की अपील के चार माह में यह खपत आधी हो गई है। चार माह में 48 हजार लीटर डीजल और 18 हजार लीटर पेट्रोल की बचत हुई है।
मंत्री अपने दौरों के दौरान छोटे काफिले के साथ सफर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की अपील के पहले मध्य प्रदेश के शासकीय वाहनों में प्रतिमाह औसतन 24 हजार लीटर डीजल की खपत होती थी, अब यह घटकर 12 हजार लीटर हो गई है। इसी तरह, पेट्रोल की खपत भी कम हुई है।
कार्यभार ग्रहण करने के दौरान 200 वाहनों का काफिला निकालने पर मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को मुख्यमंत्री ने न सिर्फ नोटिस दिया बल्कि उनके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर भी रोक लगा दी। इसका प्रभाव यह हुआ कि बाकी लोगों में संदेश गया और बेवजह वाहनों के प्रयोग पर काफी हद तक अंकुश लग सका।