'चांद सनातन का है, इसे देखकर मनाते हैं ईद'... भोपाल में BJP विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर बवाल
रामेश्वर शर्मा ने चंद्रमा को सनातन धर्म का बताते हुए कहा कि भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चांद को देखकर ही मुस्लिम समाज ईद मनाता है।
By Brajendra rishishwarEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 08:32:51 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 08:32:51 AM (IST)
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा । फोटो- सोशल मीडियाHighLights
- विधायक रामेश्वर शर्मा ने चंद्रमा को सनातन धर्म का बताया
- ईद पर सनातन धर्म का जयकारा लगाने की कही बात
- मुस्लिम नेता अब्बास हफीज ने बयान को बचकानी टिप्पणी बताया
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने चांद को सनातन धर्म का बताते हुए कहा कि मुस्लिम समाज भी इसी सनातन चांद को देखकर ईद मनाता है। उन्होंने कहा कि चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं, इसलिए चांद उन्हीं का है।
शर्मा के इस बयान पर मुस्लिम नेता अब्बास हफीज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे राजनीतिक लाभ के लिए दिया गया बचकाना बयान बताया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब मुस्लिम समाज को ईद मनाने के लिए भाजपा विधायक या सरकार से अनुमति लेनी होगी?
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि
चंद्रमा भगवान शंकर के मस्तक पर विराजमान है। यदि कोई चांद को पूजता है तो उसे भगवान शंकर की तस्वीर लगाकर पूजा करनी चाहिए। मुस्लिम समाज भी इसी सनातन चांद को देखकर ईद मनाता है। इसलिए ईद मनाएं, लेकिन सनातन चांद को देखकर सनातन धर्म का जयकारा भी लगाएं।
उन्होंने आगे कहा कि यदि भगवान शंकर को स्वीकार नहीं किया जाए और वे किसी गुफा में चले जाएं तो चांद दिखाई देना भी बंद हो जाएगा। ऐसे में ईद कैसे मनाई जाएगी।
शर्मा ने सूर्य को भी सनातन धर्म का बताते हुए कहा कि उसकी भी पूजा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक धरती पर चांद और सूर्य उदित होते रहेंगे, सनातन धर्म कायम रहेगा।
भाजपा अपने विधायकों पर लगाए लगाम
शर्मा के बयान पर अब्बास हफीज ने कहा कि
तीन बार के विधायक से इस तरह की बचकानी टिप्पणियों की उम्मीद नहीं की जाती। राजनीति में तालियां और हंसी बटोरने के लिए इस तरह की बातें करना उचित नहीं है। भाजपा को अपने विधायकों के लिए दिशा-निर्देश तय करने चाहिए और ऐसे बयानों पर लगाम लगानी चाहिए।
हफीज ने कहा कि मुस्लिम समाज ने कभी ईद मनाने के लिए रामेश्वर शर्मा से अनुमति नहीं मांगी और न ही आगे इसकी जरूरत होगी। चांद किसी का हो या सबका, वह एक ही है। चांद देखकर ईद मनाने वाले आगे भी ऐसा करते रहेंगे। इसके लिए किसी की अनुमति या आशीर्वाद की आवश्यकता नहीं है।