• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

एमपी में दूर होगा बिजली का संकट, पंजाब से 15 अक्टूबर से रोजाना मिलेगी 550 मेगावाट बिजली, कटौती से मिलेगी मुक्ति

मप्र ऊर्जा विभाग के अनुसार पंजाब, मध्य प्रदेश को प्रतिदिन 550 मेगावाट बिजली देगा। खरीफ के मौसम में मध्य प्रदेश जून से 550 मेगावाट बिजली प्रतिदिन पंजाब...और पढ़ें

By sourabh soniEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 08:42:20 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 08:42:20 PM (IST)
एमपी में दूर होगा बिजली का संकट, पंजाब से 15 अक्टूबर से रोजाना मिलेगी 550 मेगावाट बिजली, कटौती से मिलेगी मुक्ति
अक्तूबर-मार्च तक पंजाब से आएगी 550 MW बिजली।

HighLights

  1. कम बारिश के चलते थर्मल-हाइडल पावर प्रभावित
  2. ऐसे काम करेगी पंजाब के साथ पावर बैंकिंग डील
  3. अक्तूबर-मार्च तक पंजाब से आएगी 550 MW बिजली

सौरभ सोनी, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार कम वर्षा होने से पन बिजली परियोजनाओं के उत्पादन पर असर पड़ा है। कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से थर्मल पावर प्लांट भी प्रभावित हुए। इससे गांवों से लेकर शहर तक बिजली कटौती की जा रही है। इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण अंचलों पर पड़ रहा है। खेतों में सिंचाई प्रभावित हुई है।

पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों के बीच यह चर्चा का विषय रहा। विधायक भी अपने-अपने क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या को लेकर सरकार को पत्र लिख चुके हैं। हालांकि बिजली संकट की यह स्थिति 15 अक्टूबर तक ही रहेगी। इसके बाद मप्र का बिजली संकट पंजाब दूर करेगा।


मध्य प्रदेश को प्रतिदिन 550 मेगावाट बिजली मिलेगी

मप्र ऊर्जा विभाग के अनुसार पंजाब, मध्य प्रदेश को प्रतिदिन 550 मेगावाट बिजली देगा। खरीफ के मौसम में मध्य प्रदेश जून से 550 मेगावाट बिजली प्रतिदिन पंजाब को दे रहा है। इतनी ही बिजली मप्र को 15 अक्टूबर से मार्च 2027 तक रबी के मौसम में अब पंजाब लौटाएगा।

रबी सीजन के लिए पंजाब के साथ विशेष पावर बैंकिंग समझौता

मप्र में रबी सीजन (कृषि कार्य) के दौरान बढ़ने वाली अत्यधिक बिजली मांग और संभावित बिजली संकट से निपटने के लिए पहले ही राज्य सरकार ने पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के साथ एक विशेष पावर बैंकिंग समझौता किया हुआ है।

राज्य में अक्टूबर से मार्च के दौरान रबी फसलों की सिंचाई के कारण बिजली की मांग 17,000 मेगावाट से 18,000 मेगावाट के रिकार्ड स्तर तक पहुंच जाती है। इसी अवधि में पंजाब के पास अतिरिक्त (सरप्लस) बिजली उपलब्ध होती है, जिसे वह मप्र को ग्रिड के माध्यम से ट्रांसफर करेगा। यह एक बिना नकद भुगतान, बिजली के बदले बिजली व्यवस्था है।

दोनों राज्यों में बिजली समझौता की स्थिति

पीक डिमांड सीजन: एमपी (एमपीपीएमसीएल) का पीक सीजन अक्टूबर से मार्च (रबी सीजन - सिंचाई) है, जबकि पंजाब (पीएसपीसीएल) का पीक सीजन जून से सितंबर (धान सीजन व गर्मी) है।

समझौते में भूमिका: मध्य प्रदेश सर्दियों में बिजली लेगा और गर्मियों में देगा; वहीं पंजाब सर्दियों में बिजली देगा और गर्मियों में बिजली लेगा।

यह भी पढ़ें- दिवाली से पहले इंदौर की जनता को राहत... मास्टर प्लान रोड पर 31 अक्टूबर से शुरू होगा ट्रैफिक, दौड़ेंगी गाड़ियां

गांधीसागर में दिसंबर से शुरू होगा 2000 मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट

मध्य प्रदेश के नीमच-मंदसौर जिले में गांधीसागर के पास 1,920 मेगावाट (लगभग 2000 मेगावाट) क्षमता का पंप हाइड्रो स्टोरेज प्लांट दिसंबर से शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही बिजली का पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगा।

बिजली के आदान-प्रदान को लेकर पंजाब के साथ बैकिंग कर चुके हैं। रबी सीजन में मध्य प्रदेश को पंजाब बिजली देगा।- राजीव कुमार गुप्ता, ईडी, मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी लि.