
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों फीट की ऊंचाई से जब कोई विशालकाय विमान जमीन को छूता है, तो असल में रनवे पर क्या होता है?
हम अक्सर सुरक्षित लैंडिंग पर तालियां बजाते हैं, लेकिन उस सुरक्षित लैंडिंग के पीछे एयरपोर्ट के रनवे पर एक 'काली परत' की कहानी छिपी है, जिसे अगर समय रहते न हटाया जाए, तो यह किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर इन दिनों रातों के सन्नाटे में एक विशेष अभियान चल रहा है। यह अभियान है रनवे की 'घिसाई और सफाई' का। दरअसल, विमानों की लैंडिंग के दौरान टायरों और रनवे के बीच जो घर्षण (रगड़) होता है, उससे वहां रबर जमा होने लगता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हर दो महीने में यह जमा हुआ रबर करीब १० से १२ किलो तक हो जाता है।
एविएशन जानकार कहते हैं कि जब कोई विमान लैंड करता है, तो उस वक्त उसकी रफ़्तार २३० से २६० किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है। इतने भारी-भरकम विमान का वजन और इतनी तेज गति जब जमीन से टकराती है, तो टायरों का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है।
गर्मी इतनी ज्यादा होती है कि टायरों की सतह का कुछ हिस्सा पिघलकर रनवे पर ही चिपक जाता है। धीरे-धीरे यह रबर परत-दर-परत जमा होता रहता है।
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, रनवे पर जमा यह रबर सामान्य दिनों में तो खतरनाक है ही, लेकिन बारिश के मौसम में यह 'मौत का जाल' बन सकता है। जब रबर पर पानी पड़ता है, तो वहां फिसलन बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में विमान के स्किड होने (फिसलने) और ब्रेक लगाने पर भी न रुकने का खतरा पैदा हो जाता है। ब्रेकिंग दूरी बढ़ जाने से विमान रनवे से बाहर भी जा सकता है।
चूंकि दिन में उड़ानों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए रबर हटाने का यह बेहद तकनीकी काम रात में किया जाता है। इसके लिए 'हाई प्रेशर वाटर जेट' तकनीक का इस्तेमाल होता है।
आसान शब्दों में कहें तो पानी की इतनी तेज बौछार मारी जाती है कि रनवे की सतह को नुकसान पहुंचाए बिना, उस पर चिपका हुआ जिद्दी रबर उखड़ जाए। यह काम विशेष मशीनों और सफाई कर्मियों द्वारा पूरी सावधानी से किया जाता है।
राजा भोज एयरपोर्ट के निदेशक रामजी अवस्थी के अनुसार, सुरक्षित लैंडिंग के लिए रनवे का घर्षण स्तर (फ्रिक्शन लेवल) कम से कम ०.७५ होना अनिवार्य है। यह वह मानक है जो तय करता है कि तेज रफ़्तार विमान सुरक्षित दूरी में रुक पाएगा या नहीं।
यही कारण है कि डीजीसीए और एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया ने रनवे की नियमित जांच और सफाई को अनिवार्य कर रखा है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
अगली बार जब आप लैंडिंग करें, तो याद रखिएगा कि आपकी सुरक्षा के लिए रनवे की उस काली सड़क को भी नियमित रूप से'नहलाया-धुलाया' जाता है।