MP के नगरीय निकायों में खरीदी घोटाला: 2 लाख का कचरा वाहन 6 लाख में खरीदा, ACS बोले- 'सबका हिसाब हमारे पास', मंत्री ने कहा जांच होगी
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने अधिकारियों को खरीद का पूरा रिकॉर्ड होने की बात कहते हुए चेताया। राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कीमतों में अंतर और खरीद की अ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 23 Oct 2026 10:19:27 AM (IST)Updated Date: Fri, 23 Oct 2026 10:19:27 AM (IST)
नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने घोटाले की जांच के निर्देश जारी किए हैं। प्रतीकात्मकHighLights
- कचरा वाहन की कीमत में चार लाख रुपये का अंतर
- एलईडी लाइट 306 से 11,800 रुपये तक में खरीदी
- अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई के निर्देश
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में खरीदी के नाम पर गड़बड़ी सामने आई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस पोर्टल के माध्यम से हुई खरीद के विश्लेषण से सामने आया कि कहीं कचरा वाहन 2 लाख में लिया गया तो कहीं 4 डस्टबिन लगाकर कीमत 6 लाख कर दी गई।
एसीएस ने खोली पोल
विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने अधिकारियों को चेताया है कि इसका पूरा रिकॉर्ड उनके पास है। पिछले सप्ताह सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, संचालक और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक हुई थी।
इसमें उन्होंने कहा कि अतिरिक्त सामान के नाम पर कीमत कई गुना बढ़ाई जा रही है। कुछ निकाय ऐसे हैं, जिन्होंने करोड़ों रुपये के कचरा वाहन खरीद लिए मगर वाहन चलाने के लिए उतने वार्ड ही नहीं हैं।
बच सकते थे ढाई सौ करोड़
तीन साल में प्रदेश के 374 नगरीय निकायों ने गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस पोर्टल के माध्यम से करीब 1,134 करोड़ रुपये की खरीदी की। विश्लेषण में सामने आया कि यदि सामान की खरीदी औसत दरों पर की जाती, तो दो-ढाई सौ करोड़ रुपये बच सकते थे।
पोर्टल से हुआ खुलासा
राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के अपर संचालक अंशुमन राज ने पोर्टल के माध्यम से हुई खरीदी के आंकड़े और उनका विश्लेषण प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने बताया कि एक ही तरह के सामान की खरीदी में भी कीमतों का भारी अंतर मिला है। कहीं एलईडी लाइट 306 रुपये में खरीदी गई तो कहीं इसके लिए 11,800 रुपये चुकाए गए।
नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि उत्पाद की कीमतों में अंतर और खरीद में अनियमितता की जांच कराई जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों को दंडित किया जाएगा।