Promotion in MP: कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 40 हजार नई पदोन्नतियां जल्द; हाई कोर्ट के फैसले पर भी टिकी निगाहें
मध्य प्रदेश में 10 साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया तेज हो गई है। 60 हजार कर्मचारियों को प्रमोशन मिल चुका है, जबकि 40 हजार और कर्मचारियों को जल्द पदोन्नति म...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 29 Jul 2026 06:52:46 PM (IST)Updated Date: Wed, 29 Jul 2026 06:52:46 PM (IST)
कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी। (एआई जनरेटेड)HighLights
- 60 हजार कर्मचारियों को पदोन्नति के आदेश जारी हो चुके।
- 40 हजार कर्मचारियों को जल्द प्रमोशन मिलने की संभावना।
- सितंबर-अक्टूबर में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें होंगी।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में 10 साल बाद अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति मिलनी प्रारंभ हो चुकी है। लगभग 60 हजार कर्मचारियों को पदोन्नति मिल चुकी है। एक माह के भीतर 35 से 40 हजार कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश और जारी हो जाएंगे।
सरकार ने अगले साल दी जाने वाली पदोन्नति की तैयारी प्रारंभ कर दी है। सितंबर-अक्टूबर में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें कराने का निर्णय लिया है। ये पदोन्नतियां एक जनवरी, 2026 को उपलब्ध पदों के आधार पर की जाएंगी।
पदोन्नति नियम 2025 के आधार पर पदोन्नतियां सशर्त
- सोमवार को हाई कोर्ट में पदोन्नति नियम 2025 को लेकर सुनवाई प्रस्तावित है। इसमें नियम को लेकर निर्णय सुनाया जा सकता है। पदोन्नति नियम 2025 के आधार पर हो रही पदोन्नतियां अभी सशर्त हैं यानी न्यायालयों के आदेश के अधीन रखी गई हैं।
- सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी पदोन्नतियां एक जनवरी, 2025 को उपलब्ध पदोन्नति के पदों के विरुद्ध दी गई हैं। चूंकि, 10 साल से पदोन्नतियां नहीं हुई थीं, इसलिए विशेष विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें कराई गईं। सितंबर-अक्टूबर में अगले साल उपलब्ध होने वाले पदों के लिए बैठकें होंगी।
विभाग तैयारी में जुटा
दरअसल, पदोन्नति देने के लिए बहुत सारी प्रक्रियाएं करनी होती हैं। पांच साल की गोपनीय चरित्रावली देखने के साथ विजिलेंस क्लीयरेंस भी लेना पड़ता है। यह समय पर पूरा हो जाए और इसके कारण पदोन्नति में विलंब न हो, इसलिए सितंबर-अक्टूबर में प्रक्रिया करना तय किया गया है। विभाग इसके हिसाब से अभी से तैयारी में जुट जाएंगे।
हाई कोर्ट में पदोन्नति को लेकर सुनवाई
उधर, सोमवार को हाई कोर्ट जबलपुर में पदोन्नति नियम को लेकर सुनवाई होगी। चूंकि, सारी प्रक्रिया हो चुकी है इसलिए संभावना जताई जा रही है कि निर्णय सुनाया जा सकता है। इस विषय के महत्व को देखते हुए अपर सचिव सामान्य प्रशासन अजय कटेसरिया को रतलाम कलेक्टर का पदभार संभालने से रोक दिया गया है। अजय कटेसरिया ही पूरे मामले को देख रहे हैं और उसकी बारीकियां जानते हैं।
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