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एमपी में पुलिस 161 अफसरों का प्रमोशन कैंसिल, 83 सब-इंस्पेक्टर और 78 इंस्पेक्टर की पदोन्नति खारिज, जानें कारण

पुलिस मुख्यालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जो पुलिसकर्मी स्थायी तौर पर पदोन्नत नहीं हो पाएंगे, वे पूर्व की तरह अपने पद पर यथावत रहेंगे।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 01 Sep 2026 10:48:20 PM (IST)Updated Date: Wed, 02 Sep 2026 07:28:13 AM (IST)
एमपी में पुलिस 161 अफसरों का प्रमोशन कैंसिल, 83 सब-इंस्पेक्टर और 78 इंस्पेक्टर की पदोन्नति खारिज, जानें कारण
समीक्षा के बाद 161 अफसरों के पदोन्नति आदेश निरस्त।

HighLights

  1. समीक्षा के बाद 161 अफसरों के पदोन्नति आदेश निरस्त
  2. विभागीय जांच और दंड के कारण निरस्त हुए आदेश
  3. 83 सब-इंस्पेक्टर और 78 इंस्पेक्टर की पदोन्नति खारिज

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। पुलिस मुख्यालय ने रिव्यू डीपीसी के बाद कार्यवाहक उपनिरीक्षक या सहायक उपनिरीक्षक से उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नत हुए पुलिसकर्मियों में से 83 की पदोन्नति रद कर दी है। वहीं, उपनिरीक्षक या कार्यवाहक निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किए गए अधिकारियों में से 78 के पदोन्नति आदेश भी निरस्त कर दिए गए हैं। इनके विरुद्ध विभागीय जांच लंबित होने या दंड प्रभावशील होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

कार्यवाहक पदों पर यथावत रहेंगे पुलिसकर्मी

हालांकि, पुलिस मुख्यालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जो पुलिसकर्मी स्थायी तौर पर पदोन्नत नहीं हो पाएंगे, वे पूर्व की तरह अपने पद पर यथावत रहेंगे। उदाहरण के तौर पर यदि कोई कार्यवाहक निरीक्षक है और उसे किसी कारण से स्थायी रूप से निरीक्षक पद पर पदोन्नति नहीं मिलती है तो उसे उपनिरीक्षक के पद पर नहीं भेजा जाएगा। वह कार्यवाहक निरीक्षक के तौर पर ही काम करता रहेगा।


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विभाग में करीब 25 हजार पदोन्नतियां की थी

मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि पदोन्नति के बाद जिलों से ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मांगी गई थी, जिनके विरुद्ध विभागीय जांच लंबित है या दंड प्रभावशील है। जिलों से जानकारी मिलने के बाद समीक्षा की गई और इसके आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों की स्थायी पदोन्नति के आदेश निरस्त किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि पुलिस विभाग में करीब 25 हजार पदोन्नतियां की गई हैं।