MP संपदा 2.0: गूगल मैप पर खुलेगी प्रॉपर्टी की कुंडली, लोकेशन बदलते ही पकड़ाएगा फर्जीवाड़ा
संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर से जिले की सभी कलेक्टर गाइडलाइन लोकेशन जोड़ी गई हैं, अब गूगल मैप पर प्रॉपर्टी की वास्तविक स्थिति पता चल सकेगी। जिससे स्टाॅम्प ड्यूटी का फर्जीवाड़ा पकड़ में आ जाएगा।
Publish Date: Thu, 05 Nov 2026 12:08:53 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Nov 2026 12:08:53 PM (IST)
जियो टैगिंग कर लोकेशन को संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया है। फोटो- एआई से तैयारHighLights
- गूगल मैप पर दिखेगी प्रॉपर्टी की वास्तविक स्थिति
- प्लाट कार्नर में है या बीच में, इसकी जानकारी मिलेगी
- स्टांप ड्यूटी का फर्जीवाड़ा पकड़ना आसान होगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रॉपर्टी की लोकेशन छिपाकर स्टांप ड्यूटी में हजारों-लाखों रुपये की बचत करने वालों का खेल अब नहीं चलेगा। गली के अंदर का मकान या प्लाट बताकर कार्नर अथवा मुख्य सड़क पर स्थित प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने की हेराफेरी पर पंजीयन विभाग ने शिकंजा कस दिया है।
विभाग ने जिले की कलेक्टर गाइडलाइन की 4,113 लोकेशन की जियो टैगिंग कर उन्हें संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया है। अब रजिस्ट्री के समय प्रॉपर्टी की वास्तविक लोकेशन, स्थिति और गाइडलाइन के अनुसार स्टांप ड्यूटी का निर्धारण करना आसान होगा।
गूगल मैप पर खुलेगी प्रापर्टी की पूरी कुंडली
जियो टैगिंग के बाद प्रत्येक प्रापर्टी की अलग आईडी होगी। गूगल मैप पर प्लाट कॉर्नर है या बीच में, मुख्य सड़क पर है या गली के अंदर, किस दिशा का है, इसकी जानकारी मिल सकेगी। इससे लोकेशन बदलकर रजिस्ट्री कराने की गुंजाइश कम होगी। नगर निगम सीमा के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की प्रॉपर्टी भी इस व्यवस्था में शामिल हैं।
मालिक का नाम और टैक्स की जानकारी भी मिलेगी
रजिस्ट्री के दौरान प्रापर्टी की आईडी डालते ही वर्तमान मालिक का नाम सामने आ सकेगा। इससे संपत्ति के स्वामित्व की जानकारी मिलने के साथ नगर निगम को बकाया संपत्ति कर वसूलने में भी मदद मिलेगी। खरीदार और विक्रेता को स्टांप ड्यूटी की गणना करने में भी सुविधा होगी।
कलेक्टर गाइडलाइन की सभी लोकेशनों की जियो टैगिंग कर ली गई है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और रजिस्ट्री में होने वाला फर्जीवाड़ा रुकेगा।- स्वप्नेश शर्मा, वरिष्ठ जिला पंजीयक