नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। कहीं आठ से दस घंटे बिजली गुल रहने की शिकायत है, तो कहीं रातभर गांव अंधेरे में डूबे रहते हैं। न तो उनकी सुनवाई हो रही है और न ही निर्बाध आपूर्ति मिल रही है।
इससे सिंचाई प्रभावित होने से जहां फसलों पर संकट छाने लगा है, वहीं घरेलू कामकाज से लेकर बच्चों की पढ़ाई, त्योहार की तैयारियां सबकुछ प्रभावित होने लगा है। ऐसे में उनका गुस्सा अब सड़कों पर फूटने लगा है।
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, विदिशा और नर्मदापुरम में किसान व ग्रामीण तो बिजली कंपनी के विरुद्ध लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते कुछ दिनों में नाराज ग्रामीणों ने कई जगह चक्काजाम कर यातायात रोका, बिजली कंपनी के कार्यालयों का घेराव किया और धरना दिया। हालांकि इसे लेकर बिजली कंपनी के अधिकारियों ने अजीत तर्क दिया।
उनका कहना है कि शहरी क्षेत्र में त्योहार के दौरान निर्बाध आपूर्ति के लिए जबलपुर से निर्देश मिले थे। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति नहीं हुई है। उन्होंने अगले एक से दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई है।
राजधानी के 35 गांवों में बिजली कटौती
भोपाल से लगे ईंटखेड़ी फीडर के करीब 35 गांव कटौती से परेशान हैं। ईंटखेड़ी, आजमपुरा, चांदपुर, डोबरा, मनीखेड़ी, मस्तीपुर, भैरूपुरा, खामखेड़ा, गोलखेड़ी और झोपड़िया सहित आसपास शाम से रात तक तीन से चार घंटे बिजली गुल रहने की शिकायत है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब दस गांवों में तो रातभर बिजली ही नहीं रहती। वहीं, सीहोर जिले में पिछले 5 दिन से शाम 6 से 8 बजे और फिर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली कटौती हो रही है।
आष्टा, जावर, इछावर, बुधनी और सीहोर में तो इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हुए हैं। इछावर के भाऊखेड़ी और कोठरी में चक्काजाम किया गया था, जबकि जावर में बिजली कंपनी के कार्यालय पर तालाबंदी की गई थी।
![naidunia_image]()
अधीक्षण यंत्री और पूर्व विधायक भिड़े
राजगढ़ जिले में बिजली कटौती के विरोध में आठ अक्टूबर से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। करेड़ी में खुजनेर-राजगढ़ मार्ग पर दो बार चक्काजाम किया गया। काचरी, सिलपटी ग्रिड और काल्याखेड़ी जोड़ पर भी ग्रामीणों ने रास्ता रोका।
13 अक्टूबर को ढाबला जोड़ पर जयपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग करीब एक घंटे जाम रहा। इस दौरान पूर्व विधायक बापूसिंह तंवर और अधीक्षण यंत्री राकेश मेहरा के बीच फोन पर नोक-झोंक तक हुई।
अधिकारी के यह कहने पर कि कटौती उनके हाथ में नहीं है, तंवर ने गहरी नाराजगी जताई थी। इसे लेकर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और गेट पर बैठकर भजन गाए।
ग्रामीणों ने बैतूल-आमला मार्ग पर किया चक्काजाम
बैतूल जिले के मोरडोंगरी में मंगलवार रात ग्रामीणों ने बैतूल-आमला मार्ग पर चक्काजाम किया। करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
आठनेर, भैंसदेही और भीमपुर में भी रात के समय दो से तीन घंटे बिजली बंद रहने की शिकायत है। किसानों के अनुसार, दिन में छह से सात घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है।
किसानों ने घेरा बिजली कंपनी कार्यालय
विदिशा जिले के नटेरन में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने बिजली कंपनी का घेराव किया, जबकि सिरोंज में ग्रामीणों ने चक्काजाम किया। बुधवार को कुरवाई में कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सुधार की मांग की।
इसी तरह नर्मदापुरम जिले के आरी गांव में किसानों ने मंगलवार रात बिजली उप केंद्र पर एक घंटे से अधिक समय तक धरना दिया। किसान केशव साहू ने बताया कि भार नियंत्रण और रखरखाव के नाम पर कृषि कार्य के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। इससे फसल सूखने की कगार पर है।