
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के बढ़ते भारी दबाव, ट्रेनों की निरंतर आवाजाही और आसपास चल रहे मेट्रो निर्माण कार्यों के कारण उत्पन्न हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए रेलवे प्रशासन एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है।
रेलवे अब एक नई व्यवस्था पर काम कर रहा है, जिसके तहत भोपाल रेलवे स्टेशन से शुरू होने वाली लगभग 8 से 10 ट्रेनों को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रवाना करने की तैयारी की जा रही है।
हम बता दें कि वर्तमान में भोपाल रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 70 से 80 हजार यात्रियों का भारी दबाव रहता है। इसके अलावा, देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ और निर्माण कार्यों के चलते रेल संचालन को व्यवस्थित रखना रेलवे प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे के इस कदम को एक बेहतरीन निर्णय बताया है। उनका मानना है कि इससे मुख्य स्टेशन पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
खास बात यह है कि "नवदुनिया" समाचार पत्र लगातार भोपाल रेलवे स्टेशन के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन पर शिफ्ट करने की मांग करता आ रहा है। इस संबंध में पाठकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए "नवदुनिया" द्वारा लगातार खबरें प्रकाशित की जा रही थीं, जिसके बाद अब रेलवे प्रशासन ने इस दिशा में गंभीर प्रयास शुरू किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 नवंबर 2021 को उद्घाटित विश्व स्तरीय रानी कमलापति रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के बावजूद अब तक अपनी पूरी क्षमता से उपयोग में नहीं आ पा रहा था। इसकी मुख्य वजह यह थी कि इस स्टेशन पर ट्रेनों के डिब्बों में पानी भरने यानी वाटरिंग की व्यवस्था नहीं थी। सीपीआरओ जबलपुर मधुर वर्मा ने बताया कि रेलवे अब इस कमी को दूर करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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रानी कमलापति स्टेशन पर वाटरिंग की सुविधा विकसित होने के बाद यहां से ट्रेनों का संचालन और नए स्टॉपेज देना आसान हो जाएगा। इस नई व्यवस्था से यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक यात्रा का शानदार लाभ मिल सकेगा। हालांकि, यह व्यवस्था लागू करने में समय लग सकता है।