
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: भोपाल के ईरानी डेरे के जिस कुख्यात सरगना आबिद अली उर्फ राजू ईरानी को सात राज्यों की पुलिस ढूंढ रही थी, वह सूरत में रहमान डकैत बनकर छुपा था। वहां वह लोगों के बीच अपना परिचय रहमान डकैत के रूप में देकर खौफ पैदा करना चाह रहा था। शुक्रवार को भी वह सूरत के लालगेट इलाके में कुछ आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, सूचना पर सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे घेरकर पकड़ा। साथ ही अगले दिन शनिवार को उसे भोपाल पुलिस को सौंप दिया।
राजू बीते चार सालों में सात से अधिक राज्यों में वांटेड था। उसके खिलाफ मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में मामले दर्ज हैं। पिछले महीने निशातपुरा क्षेत्र स्थित अमन कालोनी के ईरानी पर पुलिस ने दबिश दी तो राजू पत्थरबाजी के बीच बचकर वहां से भाग निकला और सूरत में अपने साढ़ू भाई के घर में छुपा था।
राजू करीब दो दशक से विभिन्न शहरों में केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी या फिर पुलिस अधिकारी बनकर व्यवसायियों से लूट और ठगी की वारदातें कर रहा था। हर बार पकड़े जाने के बाद वह अपनी फर्जी दस्तावेजों की जरिए अपनी पहचान बदलकर पुलिस को चकमा देता था। संभव है कि पुलिस जांच में उसकी पुरानी आइडेंटिटी और उन नामों से किए गए अपराधों की भी पड़ताल की जाएगी, जिससे उसके अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पूरी तरह से भांडाफोड़ हो सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार राजू ईरानी को आखिरी बार 2020 में भोपाल क्राइम ब्रांच ने डकैती की योजना बनाते पकड़ा था। उस मामले में जेल से बाहर आने के बाद से दोबारा वह आपराधिक गतिविधियां कर रहा था। उसे कई राज्यों की पुलिस तलाशने भोपाल पहुुंची, लेकिन वह नहीं मिला। भूमिगत रहकर गिरोह के सदस्यों को सीबीआई या पुलिस अधिकारी बनाकर लूट, ठगी कराता रहा।
चेकिंग चल रही है या हाल ही में लूट हुई है जैसी झूठी बातें कहकर वह व्यवसायियों को डराता और गहनों को दिखाने के बहाने ध्यान भटकाकर ठगी करता था। वह भीड़भाड़ वाले इलाकों या बैंकों के बाहर ध्यान भटकाने के लिए केमिकल का भी उपयोग करता था, ताकि साथी आरोपी कीमती सामान लेकर फरार हो सकें। राजू के गिरोह के सदस्य कई बार ज्योतिषी या धार्मिक साधु का वेश धारण कर घरों में प्रवेश करते हैं और पूजा-पाठ के बहाने सोना साफ कर देते हैं।
उसी के गिरोह द्वारा कई बार हाईवे या सुनसान सड़कों पर नकली पुलिस बैरिकेड लगाकर यात्रियों से लूट की वारदातें भी की जा चुकी हैं। राजू वर्ष 2006 से अपराध जगत में सक्रिय है और अमन कालोनी का डेरा संचालित कर रहा है।
सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश रोजिया ने बताया कि आरोपित राजू ईरानी यहां खुद को रहमान डकैत के नाम से परिचित कराता था ताकि लोगों में डर और प्रभाव बना सके। हाल ही में रिलीज हुई बालीवुड फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत को एक खतरनाक अपराधी के रूप में दिखाया गया है, उसी छवि का वह फायदा उठा रहा था।
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राजू ईरानी अन्य राज्यों में जहां ठगी, लूट और डकैती जैसी वारदातें करता था, जबकि भोपाल में वह आश्रय लेता था और पुलिस से बचने वारदातें नहीं करता था। निशातपुरा थाने में उसके विरूद्ध मारपीट के आठ प्रकरण दर्ज हैं।
राजू फर्जी दस्तावेज बनवाने के मामले में बेहद शातिर है। पूर्व में उसके द्वारा फर्जी पासपोर्ट के माध्यम से विदेश में सैर सपाटा करने की बात भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, उसका फर्जी पासपोर्ट गुलबर्गा, कर्नाटक के निवासी गुलाम हसन उर्फ बड्डा शेरू ईरानी द्वारा बनाया गया था। इस मामले की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं और गुलाम हसन की तलाश में जुटी हुई हैं।